Maharashtra

महाराष्ट्र : विवाद के चलते बढ़ाई गई औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा, प्रवेश के लिए पहचान पत्र अनिवार्य

छत्रपति संभाजीनगर, 17 मार्च 2025

मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग तेज होने के बीच पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित इस कब्र पर प्रवेश करने से पहले आगंतुकों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने दिन में विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया और खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपे।

महाराष्ट्र में औरंगजेब को मराठों के साथ युद्ध के लिए याद किया जाता है, जिन्होंने उसकी विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं का विरोध किया था। मराठा योद्धा राजा शिवाजी महाराज के बेटे संभाजी को उसके आदेश पर पकड़ लिया गया, प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया। छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस विभाग ने खुल्दाबाद शहर के प्रवेश बिंदु से लेकर कब्र स्थल तक कई सुरक्षा चौकियां स्थापित की हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की 50 पुलिसकर्मियों की एक कंपनी, स्थानीय पुलिस के 30 जवान और 20 होमगार्ड के जवानों को विभिन्न स्थानों और कब्र स्थल पर तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि अब कब्र पर आने वाले पर्यटकों को होमगार्ड की एक टीम के पास रखे आगंतुक रजिस्टर में अपना नाम लिखना होगा तथा पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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कब्र के रखवाले परवेज़ कबीर अहमद ने कहा, “यहाँ स्थिति शांतिपूर्ण है और लोगों को अफ़वाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कब्र को गिराने की मांग उठने के बाद से यहाँ आने वालों की संख्या में कमी आई है। रमज़ान के दौरान यहाँ आने वाले लोगों की संख्या आमतौर पर कम होती है। रोज़ाना लगभग 100 लोग आते हैं, लेकिन मुद्दा उठने के बाद से यह संख्या कम हो गई है।” विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में सरकारी कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया और औरंगज़ेब की कब्र को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित ज्ञापन में विहिप ने कहा कि औरंगजेब ने सिख गुरु गुरु गोविंद सिंह के दो पुत्रों को मार डाला क्योंकि उन्होंने धर्म परिवर्तन करने से इनकार कर दिया था, मराठा योद्धा राजा छत्रपति संभाजी महाराज को प्रताड़ित किया और मार डाला तथा काशी, मथुरा, सोमनाथ में मंदिरों को ध्वस्त कर दिया। इसमें कहा गया है, “औरंगजेब का कोई भी स्मारक दर्द और गुलामी का प्रतीक है, इसलिए कब्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए।”

सरकार द्वारा कार्रवाई न किए जाने की स्थिति में विहिप ने चेतावनी दी कि वह छत्रपति संभाजीनगर जिले तक मार्च करेगी और कब्र को ध्वस्त कर देगी। दक्षिणपंथी संगठन ने छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और मुंबई के उपनगरीय इलाकों में भी इसी तरह के आंदोलन किए।

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