
हरेंद्र दुबे
गोरखपुर, 28 जुलाई 2025:
सपा सांसद एवं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के बारे में ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी की आपत्तिजनक टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री मोहम्मद मोहसिन खान ने कहा है कि खुद को इस्लामिक स्कॉलर कहने वाले मौलाना साजिद को इस्लाम की तनिक जानकारी नहीं है। भारतीय तौर तरीके से रहने वालीं सांसद डिम्पल को लेकर उनका बयान बीजेपी प्रायोजित है।
मीडिया से रूबरू हुए पूर्व मंत्री मोहम्मद मोहसिन ने कहा कि मौलाना साजिद रशीदी को बयान देने से पहले इस्लाम के विद्वानों से बात करनी चाहिए थी।।उनका बयान निंदनीय और शर्मनाक है। सांसद डिंपल यादव स्व.मुलायम सिंह यादव की बहू हैं। निर्विरोध निर्वाचित सांसद हैं और सपा के मुखिया की पत्नी हैं। वो पूरी तरह भारतीय तौर तरीके के पहनावे का प्रयोग करती हैं। उनके बारे में ऐसा कहने से पहले सोचना चाहिए था कि वो किसके बारे में क्या कहने जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी संस्थान में एडमिशन लेने वाले बच्चे पर यूनिफार्म लागू होता है लेकिन किसी बच्चे ने एडमीशन नहीं लिया उस पर यूनिफार्म लागू नहीं होता। उसी तरह कलमा पढ़कर इस्लाम स्वीकार करने वाले पर शरीयत लागू होती है लेकिन कोई इंसान होने के नाते ही सिर्फ मस्जिद जाए उस पर शरीयत लागू नहीं होती। मौलाना साजिद के बयान से मुस्लिम समाज शर्मिंदा हुआ है। मौलाना साजिद को धर्म ग़ुरू कहा ही नहीं जा सकता है। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। सांसद डिंपल यादव पर पहले भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने टिप्पणी की। जब वो कामयाब नहीं हुआ तो बतौर इमाम मौलाना साजिद बोले। ऐसे में साफ हो जाता है उनका बयान बीजेपी प्रायोजित है। भाजपा सरकार लोकसभा में घिर चुकी है। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ये बयान सत्ता के संरक्षण में दिया गया है।






