Election mode में मायावती : SIR के बाद वोटर लिस्ट पर फोकस, उत्तराखंड से UP-पंजाब तक लिया तैयारी का फीडबैक
उत्तराखंड में बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने के निर्देश, मायावती बोलीं- गरीब, युवा, महिलाओं और कमजोर तबकों का वोटिंग अधिकार सुरक्षित रखने के लिए प्रयास जारी रहें

लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026:
यूपी के साथ उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को लखनऊ स्थित माल एवेन्यू के सेंट्रल कैंप कार्यालय में उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में SIR के बाद मतदाता सूची की स्थिति, बूथ स्तर की कमेटियों के पुनर्गठन और उम्मीदवारों के चयन की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई।
मायावती ने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और SIR के बाद कमेटियों के पुनर्गठन का काम समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम छूटने के कारण विशेषकर गरीब, युवा, महिलाओं और कमजोर तबकों के लोग अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न होने पाएं। इसके लिए पार्टी स्तर पर लगातार प्रयास किया जाना चाहिए।
उत्तराखंड में SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक राज्य में 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार SIR शुरू होने के समय की सूची की तुलना में मतदाताओं की संख्या में करीब 8.01 लाख की कमी आई है, जबकि प्रक्रिया के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम भी जोड़े गए। ऐसे में मायावती की बैठक में मतदाता सूची का मुद्दा चुनावी तैयारियों के अहम हिस्से के तौर पर उभरा।
बैठक में मायावती ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान देने के बजाय बड़े पूंजीपतियों के हितों को अधिक प्राथमिकता देती दिखाई देती है। उन्होंने चुनाव में धनबल के इस्तेमाल को भी अहम मुद्दा बताया।
इसके साथ ही मायावती ने उत्तर प्रदेश में भी चुनावी तैयारियों को गति देने पर जोर दिया। पंजाब और उत्तराखंड के साथ उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। पार्टी का फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और चुनावी रणनीति को समय रहते अंतिम रूप देने पर है।
बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 04.10.2026
(1) बी.एस.पी. प्रमुख बहन कु. मायावती जी द्वारा उत्तराखण्ड स्टेट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक में ख़ासकर चुनाव आयोग के एसआईआर पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट की ताज़ा स्थिति तथा यूपी व पंजाब के साथ वहाँ होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव हेतु अच्छे व दमदार उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत अन्य चुनावी तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गयी।
(2) विशेषकर ग़रीबों, युवाओं, महिलाओं व कमज़ोर तबकों के लोग वोट देने के संवैधानिक अधिकार से वंचित ना रह जायें, इसके लिये उनके नाम वोटरलिस्ट में शामिल करने का प्रयास पार्टी स्तर पर लगातार जारी रखने का निर्देश।
(3)उत्तराखण्ड सरकार की विभिन्न ग़रीब व जनविरोधी कार्यशैली की तीव्र निन्दा। राज्य सरकार जनहित व जनकल्याण पर कम ध्यान देकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के हित के प्रति ज़्यादा समर्पित लगती है, जो अहम चुनावी मुद्दा।
लखनऊ, 4 अक्तूबर 2026, रविवार: बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद बहन कु. मायावती जी ने बी.एस.पी. उत्तराखण्ड स्टेट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ आज यहाँ अहम बैठक में ख़ासकर चुनाव आयोग के एसआईआर पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट की ताज़ा स्थिति तथा यूपी व पंजाब के साथ वहाँ होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव हेतु अच्छे एवं दमदार पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत अन्य और भी चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा की गयी।
बी.एस.पी. सेन्ट्रल कैम्प कार्यालय, माल एवेन्यू में आयोजित इस बैठक में वोटरलिस्ट की एसआईआर उपरान्त पोलिंग बूथ स्तर तक की कमेटियों के पुनर्गठन को युद्ध स्तर पर पूरा किये जाने की स्थिति की समीक्षा की गयी तथा कमियों को समयबद्ध तरीक़े से पूरा करने के निर्देश दिये गये। उल्लेखनीय है कि एसआईआर उपरान्त लगभग 9 लाख वोटरों के नाम वोटरलिस्ट से हटा दिये गये हैं, किन्तु विशेषकर ग़रीब, युवा, महिलायें व कमज़ोर तबकों के लोग वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित ना रह जायें इसके लिये उनके नाम वोटरलिस्ट में शामिल करने का प्रयास पार्टी स्तर पर ज़रूर जारी रहना चाहिये।
बैठक में उत्तराखण्ड सरकार की ख़ासकर ग़रीब व जनविरोधी कार्यशैली की तीव्र निन्दा करते हुये कहा गया कि भाजपा सरकार जनहित व जनकल्याण पर कम ध्यान देकर बड़े- बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के हित के प्रति ज़्यादा समर्पित लगती है, जिनके धनबल पर भी वे लोग चुनाव को अपने पक्ष में प्रभावित करते रहते है, जो अहम चुनावी मुद्दा भी है।
यूपी की तरह ही सघन चुनावी तैयारियों के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की आगामी 9 अक्टूबर को पुण्यतिथि को, पूर्व के निर्देशानुसार, पूरी मिशनरी भावना से आयोजित करने पर बल देते हुये मा. बहनजी ने कहा कि यूपी-दिल्ली सीमा पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित भव्य ’बहुजन प्रेरणा केन्द्र’ में रख-रखाव का सरकारी कार्य जारी रहने के दौरान लोगों की भीड़ एकत्र होने पर किसी दुर्घटना आदि की संभावना से बचने के लिये इस वर्ष वहाँ कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा रहे हैं। इसीलिये पूरे यूपी के सभी मण्डलों के लोग राजधानी लखनऊ आकर यहाँ विशाल गुम्बद आकार के भव्य ’मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे, जबकि अन्य राज्यों के लोग ज़ोन-स्तर पर खुली संगोष्ठी आयोजित कर मान्यवर श्री कांशीराम जी, को अपने श्रद्धा-सुमन व भावभाीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
जारीकर्ता:
बी.एस.पी. यूपी स्टेट कार्यालय
12 माल एवेन्यू, लखनऊ— Mayawati (@Mayawati) October 4, 2026
बैठक में बसपा संस्थापक कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि को मिशनरी भावना के साथ मनाने पर भी चर्चा हुई। मायावती ने बताया कि यूपी-दिल्ली सीमा स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में रख-रखाव का सरकारी कार्य चल रहा है। भीड़ के कारण किसी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए इस वर्ष वहां कार्यक्रम नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों से बसपा कार्यकर्ता और समर्थक लखनऊ पहुंचकर भव्य कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वहीं अन्य राज्यों में जोन स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन कर कांशीराम को श्रद्धांजलि दी जाएगी।






