लखनऊ, 14 मई 2026:
यूपी कैबिनेट विस्तार के बाद हुई पहली मंत्रिमंडलीय बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और अफसरों को सख्त लेकिन स्पष्ट संदेश दिया कि अब सरकार केवल फैसलों से नहीं बल्कि अपने व्यवहार से भी उदाहरण पेश करेगी। वैश्विक तनाव और बढ़ती ऊर्जा चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री ने ईंधन बचत को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए मंत्रियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मंत्री मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल का उपयोग करें। इससे जनता में भी सकारात्मक संदेश जाए।
सीएम योगी ने पीएम मोदी के पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को खुद आदर्श प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने अगले छह महीने तक मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की विदेश यात्राओं को केवल विशेष परिस्थितियों तक सीमित रखने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन में डिजिटल कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विधानसभा-विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें अधिकतम हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं। उन्होंने 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया।

ऊर्जा संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालयों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने, लिफ्ट का जरूरत के अनुसार उपयोग करने और प्राकृतिक रोशनी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां तैयार करने की बात कही।
सीएम योगी ने सामाजिक आयोजनों में भी सादगी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिए घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जाए जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देते हुए मंत्रियों से कहा कि उपहारों में उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों का ही इस्तेमाल करें। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को सरकारी प्राथमिकता बनाने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने आयातित वस्तुओं के कम उपयोग, तिलहन उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और खाद्य तेल की खपत घटाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही। साथ ही वर्षा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए साफ कर दिया कि आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकता सादगी, स्वदेशी और संसाधन संरक्षण होगी।






