
लखनऊ, 31 अगस्त 2026:
यूपी में महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की मुहिम अब शैक्षणिक संस्थानों तक भी पहुंच रही है। इसी कड़ी में सोमवार को राजधानी लखनऊ में छात्राओं ने अपनी कलम के जरिए महिलाओं की राजनीतिक हिस्सेदारी और अधिकारों से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाया। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता में छात्राओं ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, संवैधानिक अधिकारों और नारी वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार निबंध के माध्यम से सामने रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य महज लेखन प्रतिभा को मंच देना नहीं अपितु छात्राओं को महिलाओं से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों और राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी रहा।
कलम बनी जागरूकता का हथियार
उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान की इस पहल ने भाषा, लेखन और सामाजिक जागरूकता को एक मंच पर ला दिया। प्रतियोगिता के जरिए छात्राओं को समसामयिक राजनीतिक विषय पर स्वतंत्र रूप से सोचने और अपने विचारों को प्रभावी शब्दों में व्यक्त करने का अवसर मिला। छात्राओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम के प्रति उनके उत्साह को भी जाहिर किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। भाषा विभाग के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
पुरस्कार और प्रमाणपत्र मंगलवार को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वितरित किए जाएंगे। इस पहल के जरिए छात्राओं को न केवल लेखन का मंच मिला, बल्कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण और समसामयिक मुद्दे पर अपनी आवाज रखने का अवसर भी मिला।






