AyodhyaUttar Pradesh

अयोध्या-काशी के बाद अब बरेली में नाथ कॉरिडोर, 60 करोड़ से उभरेगी आध्यात्मिक विकास की नई गाथा

धोपेश्वर नाथ से अलखनाथ तक 10 प्रमुख शिवधामों का होगा कायाकल्प, सावन में कांवड़ यात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

लखनऊ, 12 मई 2026:

यूपी में अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब बरेली स्थित नाथ परंपरा से जुड़े प्राचीन शिवधामों के विकास को योगी सरकार ने मिशन मोड में आगे बढ़ा दिया है। सरकार ने ‘नाथ कॉरिडोर’ के तहत बरेली के 10 प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के एकीकृत विकास की महत्वाकांक्षी योजना को तेजी से धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।

करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले इन विकास कार्यों का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक योगी सरकार विकास भी, विरासत भी की सोच के साथ नाथ परंपरा से जुड़े भगवान शिव के प्राचीन स्थलों को नई पहचान देने में जुटी है। सरकार इन मंदिरों की पौराणिक गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

Nath Corridor Bareilly ₹60 Cr for Spiritual Growth (1)

नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत बरेली के सदर कैंट स्थित करीब 5000 वर्ष प्राचीन श्री धोपेश्वर नाथ मंदिर का 7.74 करोड़ रुपये की लागत से विकास कराया जा रहा है। वहीं, जोगी नवादा स्थित द्वापरयुगीन वनखंडी नाथ मंदिर पर 5.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। त्रिवटी नाथ मंदिर के लिए 6.55 करोड़ और तपेश्वर नाथ मंदिर के विकास के लिए 8.36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

करीब 930 वर्ष पुराने अलखनाथ मंदिर का 11.67 करोड़ रुपये की लागत से भव्य पर्यटन विकास होगा, जहां मुख्य द्वार, वैदिक लाइब्रेरी और श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर बने श्री पशुपतिनाथ मंदिर का भी लगभग 3 करोड़ रुपये से कायाकल्प होगा। इसके अलावा श्री तुलसी मठ, मढ़ीनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को भी कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है।

Nath Corridor Bareilly ₹60 Cr for Spiritual Growth (2)

परियोजना के तहत यात्री विश्राम गृह, प्रसाद एवं फ्लोरिस्ट शॉप, सत्संग शेड, परिक्रमा मार्ग, एलईडी लाइटिंग, टॉयलेट ब्लॉक, सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग जैसे आधुनिक कार्य कराए जाएंगे। बरेली के 19 प्रमुख स्थलों पर फोकस वॉल भी बनाई जाएंगी। सावन में आने वाले कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं।

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। अकेले बरेली में 1.09 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन हुआ। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर न केवल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देगा बल्कि सनातन संस्कृति, लोकआस्था और आध्यात्मिक विरासत को भी वैश्विक पहचान दिलाएगा।

READ MORE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button