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दूसरा बड़ा मंगल: पवनसुत के दर्शन को उमड़े भक्त… मंदिर में गूंजा सुंदरकांड, खूब लगे भंडारे

राजधानी में दिखा आस्था का उत्सव, अलीगंज, हनुमान सेतु, अमीनाबाद, राजाजीपुरम, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में सुबह से लगिनन लाइनें, शर्बत, पूड़ी-सब्जी, कढ़ी-चावल, हलवा व खीर का प्रसाद बंटा

लखनऊ, 12 मई 2026:

राजधानी लखनऊ में ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़ा मंगल पर मंगलवार को आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। शहर के प्रमुख हनुमान मंदिर जय बजरंग बली के जयकारों से गूंज उठे। सुबह की मंगला आरती से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया।

अवध क्षेत्र में ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। इसे केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण के पर्व के रूप में भी देखा जाता है। इसी परंपरा के तहत राजधानी में सैकड़ों स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया।

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अलीगंज स्थित नया और पुराना हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु, अमीनाबाद, हजरतगंज के दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, राजाजीपुरम स्थित बालाजी मंदिर व पक्का पुल के पास लेटे हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, राम रक्षा स्तोत्र और विशेष हवन का आयोजन किया गया।

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मंदिरों को पीले, लाल और भगवा फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। भक्तों ने नारियल, लड्डू, सिंदूर और चोला चढ़ाकर संकटमोचन से सुख-समृद्धि की कामना की। अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर में बजरंगबली का विशेष श्रृंगार किया गया।। हनुमान सेतु मंदिर में भी भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में सिंदूर अभिषेक के साथ वैदिक मंत्रोच्चार हुआ।

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राजधानी के प्रमुख चौराहों, मोहल्लों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से भंडारे आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं को शर्बत, पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल, कढ़ी, हलवा, मठ्ठा और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। महिलाओं, युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्यों में हिस्सा लिया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन के आयोजन भी हुए।

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