राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 11 मई 2026:
वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों का सब्र सोमवार सुबह जवाब दे गया। नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले चल रहा धरना 158वें दिन में पहुंच चुका है, जबकि आमरण अनशन लगातार 23 दिनों से जारी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर कुछ अभ्यर्थी परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए।
पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके समर्थन में कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी टंकी पर चढ़ गईं। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश शुरू की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। उनका आरोप है कि धरना, आमरण अनशन और कई साथियों की बिगड़ती सेहत के बावजूद अब तक कोई ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया गया।
नर्सिंग अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि भर्ती नियमावली में वर्षवार नियुक्ति व्यवस्था स्थायी रूप से लागू की जाए, ताकि भर्तियां नियमित और पारदर्शी ढंग से होती रहें। इसके साथ ही Indian Public Health Standards (आईपीएचएस) मानकों के मुताबिक पहले की तरह 2000 पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, लेकिन लंबे समय से नियमित भर्ती नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित फैसला नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





