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पैराओलंपिक में भारत ने रचा इतिहास

मनीष नरवाल. बल्लभगढ़, हरियाणा से आने वाले शूटर. मनीष ने पेरिस पैरालंपिक्स 2024 की 10 मीटर एयर पिस्टल (SH1) कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता. शूटिंग की ये कैटेगरी उन लोगों के लिए है, जिनके हाथ-पैर या शरीर के निचले हिस्से में समस्या हो. मनीष के दाहिने हाथ में जन्म के वक्त से ही परेशानी है.

22 साल के मनीष ने टोक्यो पैरालंपिक्स की 50 मीटर पिस्टल कैटेगरी का गोल्ड मेडल जीता था. पेरिस में उन्होंने लंबे वक्त तक अपने इवेंट में लीड किया. लेकिन फिर कुछ सीरीज़ में उनके शॉट ठीक नहीं बैठे. और इसका फायदा उठाकर कोरिया के शूटर ने गोल्ड मेडल जीत लिया.

मनीष ने 234.9 पॉइंट्स के साथ सिल्वर मेडल जीता. जबकि कोरियन शूटर ने 237.4 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया. मनीष ने साल 2016 में शूटिंग शुरू की थी. परिवार द्वारा लोकल शूटिंग रेंज में ले जाने के बाद, मनीष को शूटिंग में मजा आने लगा. और जल्दी ही वह रेंज में रेगुलर हो गए.

हालांकि, इस वक्त तक उन्होंने कोई प्लान नहीं बनाया था. लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, लोकल कोच जय प्रकाश नौटियाल की नज़र इन पर पड़ी और 2017 में मनीष ने इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया. बैंकॉक वर्ल्ड कप में मनीष ने 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता.

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इसके बाद से वह शूटिंग में ही जम गए. कड़ी मेहनत के दम पर मनीष ने कई जूनियर और सीनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए. मनीष ने पैरालंपिक्स के बाद एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता. साथ ही उन्होंने 2022 एशियन पैरा गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल भी अपने नाम किया था. पेरिस में मनीष द्वारा जीता गया सिल्वर मेडल भारत का शूटिंग में तीसरा मेडल था.

उनसे पहले दस मीटर राइफ़ल में अवनी लेखरा ने गोल्ड, जबकि मोना अग्रवाल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था. अवनी ने टोक्यो में जीता हुआ गोल्ड मेडल डिफ़ेंड करते हुए भारत को पेरिस पैरालंपिक्स का पहला मेडल दिलाया. उन्होंने कमाल की शूटिंग करते हुए अपना पिछला ओलंपिक्स रिकॉर्ड भी बेहतर कर लिया. अवनी ने 249.7 पॉइंट्स के साथ गोल्ड जीता. पिछला रिकॉर्ड 249.6 का था. अवनी ने ये रिकॉर्ड, टोक्यो में बनाया था.

हालांकि, इस वक्त तक उन्होंने कोई प्लान नहीं बनाया था. लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, लोकल कोच जय प्रकाश नौटियाल की नज़र इन पर पड़ी और 2017 में मनीष ने इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया. बैंकॉक वर्ल्ड कप में मनीष ने 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता.

इसके बाद से वह शूटिंग में ही जम गए. कड़ी मेहनत के दम पर मनीष ने कई जूनियर और सीनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए. मनीष ने पैरालंपिक्स के बाद एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता. साथ ही उन्होंने 2022 एशियन पैरा गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल भी अपने नाम किया था. पेरिस में मनीष द्वारा जीता गया सिल्वर मेडल भारत का शूटिंग में तीसरा मेडल था.

उनसे पहले दस मीटर राइफ़ल में अवनी लेखरा ने गोल्ड, जबकि मोना अग्रवाल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था. अवनी ने टोक्यो में जीता हुआ गोल्ड मेडल डिफ़ेंड करते हुए भारत को पेरिस पैरालंपिक्स का पहला मेडल दिलाया. उन्होंने कमाल की शूटिंग करते हुए अपना पिछला ओलंपिक्स रिकॉर्ड भी बेहतर कर लिया. अवनी ने 249.7 पॉइंट्स के साथ गोल्ड जीता. पिछला रिकॉर्ड 249.6 का था. अवनी ने ये रिकॉर्ड, टोक्यो में बनाया था.

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