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तपती दोपहर में दिखा पेंशनरों में जोश… बीएन सिंह की पुण्यतिथि पर हक की लड़ाई तेज करने का ऐलान

पुण्यतिथि पर मनाया संकल्प दिवस, पुराने कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग से बाहर रखने और पुरानी पेंशन बहाल न करने के मुद्दे पर सेवा निवृत्त कर्मचारियों ने जताया आक्रोश, आंदोलन जारी रखने का लिया संकल्प

बाराबंकी, 18 मई 2026:

कर्मचारी आंदोलन के प्रमुख नेता रहे बीएन सिंह की पुण्यतिथि को सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने संकल्प दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर सोमवार को पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।

लखपेड़ाबाग चौराहे स्थित पेंशनर एसोसिएशन के जिला कार्यालय में जिले भर के सेवानिवृत्त कर्मचारी जुटे। चिलचिलाती धूप के बावजूद 80 से 90 वर्ष तक की उम्र के बुजुर्ग पेंशनरों ने दफ्तर आकर अपने पूर्व नेता को श्रद्धांजलि दी। पूरा परिसर बीएन सिंह अमर रहें के नारों से गूंज उठा। पुष्पांजलि देकर शुरू हुई श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने बीएन सिंह के कर्मचारी हितों के लिए किए गए संघर्षों को याद किया। साथ ही सरकार की कर्मचारी और शिक्षक विरोधी नीतियों की आलोचना की।

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जिला अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा ने कहा कि जिस उम्र में पेंशनरों को ज्यादा सुरक्षा और सहूलियतों की जरूरत होती है, उसी समय उनकी सुविधाओं में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीएन सिंह ने कर्मचारियों को सिखाया था कि इंसाफ की लड़ाई लगातार लड़नी पड़ती है। इसमें वक्त लग सकता है, लेकिन न्याय मिलता है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एसपी सिंह ने शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में कहा कि बीएन सिंह केवल कर्मचारी नेताओं के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे शिक्षक और कर्मचारी समाज के पथप्रदर्शक थे।

कर्मचारियों और पेंशनरों को सामूहिक संकल्प दिलाया गया। इसमें कहा गया कि एक जनवरी 2026 से पहले सेवा निवृत्त हुए कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के विचार बिंदुओं से बाहर रखने, पुरानी पेंशन बहाल न करने और दस सूत्रीय मांगों की अनदेखी के खिलाफ एसोसिएशन के सभी आंदोलन कार्यक्रमों में वे लगातार भाग लेते रहेंगे। सभा में संरक्षक रामचन्द्र निगम व लालजी वर्मा, राधेश्याम वर्मा, जिला मंत्री अशोक सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा, उपाध्यक्ष सर्वजीत यादव, मुन्नी सिंह, सुरेंद्र कुमार वर्मा, सुशीला वाजपेई, राजेश कुमार गुप्ता, रामगोपाल चौधरी और शकुंतला मिश्रा आदि ने विचार रखे।

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