गोंडा, 24 फरवरी 2026:
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) लखनऊ की ओर से जिला पंचायत सभागार, गोंडा में ‘वार्तालाप कार्यक्रम’ के तहत ग्रामीण मीडिया कार्यशाला लगाई गई। कार्यक्रम में हाल ही में संसद में पारित ‘विकसित भारत-जी राम जी कानून’ समेत केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, योजनाओं और वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में गौरा विधानसभा के विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी कानून पुरानी योजनाओं की कमियों को दूर करने की दिशा में अहम पहल है। उनके मुताबिक यह कानून 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की राह मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों के तेजी से विस्तार से राजधानी से प्रदेश और प्रदेश से जिलों की बेहतर कनेक्टिविटी बनी है, जिससे अर्थव्यवस्था को नया सहारा मिला है।
जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने कहा कि ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए गरीब, किसान और मजदूर तक विकास की सोच पहुंची है। उन्होंने माना कि मीडिया जमीनी मुद्दों को सामने ला रही है, जिससे आम लोगों को योजनाओं का सीधा फायदा मिल रहा है।

कार्यशाला के संयोजक और पत्र सूचना कार्यालय व केंद्रीय संचार ब्यूरो उत्तर प्रदेश के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि गरीबों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और इसी सोच के साथ नई नीतियां तैयार की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नया विधेयक गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित है और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को आगे बढ़ाता है।
पीडीएस उपायुक्त श्रम रोजगार जनार्दन प्रसाद यादव ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी विधेयक का उद्देश्य ग्रामीण आजीविका में बदलाव लाना है। इसमें रोजगार गारंटी बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मजबूत करने, श्रमिक सुरक्षा और कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन बनाने तथा योजनाओं को एक मंच पर लाने की बात शामिल है। उन्होंने इसे सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में नया कदम बताया।
इंडियन बैंक के उप आंचलिक प्रबंधक संदीप कुमार सिन्हा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं की शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी, जिनका मकसद खास तौर पर कमजोर और वंचित वर्गों को सस्ती वित्तीय सुरक्षा देना है। इन योजनाओं से लोगों को जीवन की अनिश्चितताओं से बचाव और भविष्य के लिए आर्थिक मजबूती मिलती है। अंत में पत्रकारों और अधिकारियों के बीच संवाद भी हुआ, जिसमें योजनाओं के जमीनी असर और मीडिया की भूमिका पर खुलकर बात हुई।






