लखनऊ, 18 मई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त तस्वीर पेश की है। इसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। पिछले नौ वर्षों में यूपी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 17,043 मुठभेड़ कीं। इन कार्रवाइयों में 289 दुर्दांत अपराधी ढेर कर दिए गए, जबकि 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुठभेड़ों में 11,834 अपराधी घायल हुए।
अपराधियों से लोहा लेते 18 पुलिसकर्मी हुए शहीद
अपराधियों के खिलाफ इस निर्णायक एक्शन में यूपी पुलिस ने भी बड़ी कुर्बानी दी। अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि 1,852 जवान घायल हुए। योगी सरकार का दावा है कि इन कार्रवाइयों ने प्रदेश में कानून का राज मजबूत किया और अपराधियों में भय का माहौल पैदा किया है।

एनकाउंटर में मेरठ जोन अव्वल, वाराणसी दूसरे स्थान पर
एनकाउंटर के आंकड़ों में मेरठ जोन पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां 4,813 मुठभेड़ हुईं जिनमें 97 कुख्यात अपराधियों को मार गिराया गया। इसके साथ ही 8,921 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 3,513 घायल हुए। मेरठ जोन में कार्रवाई के दौरान 477 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि दो जवानों ने शहादत दी। अपराध के खिलाफ सबसे आक्रामक कार्रवाई के कारण मेरठ जोन को प्रदेश का सबसे सक्रिय पुलिस जोन माना जा रहा है।
वाराणसी जोन एनकाउंटर कार्रवाई में दूसरे स्थान पर रहा। यहां 1,292 मुठभेड़ों में 29 अपराधी ढेर किए गए और 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं आगरा जोन तीसरे स्थान पर रहा, जहां 2,494 मुठभेड़ों में 24 अपराधी मारे गए और 5,845 अपराधियों को दबोचा गया।
कमिश्नरेट में गाजियाबाद का दबदबा
इसके अलावा बरेली जोन में 21, लखनऊ जोन में 20 और गाजियाबाद कमिश्नरेट में 18 अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया। लखनऊ कमिश्नरेट में 147 मुठभेड़ों में 12 अपराधियों का अंत हुआ, जबकि प्रयागराज जोन, कानपुर जोन, गौतमबुद्ध नगर और गोरखपुर में भी पुलिस ने लगातार बड़ी कार्रवाई की।
योगी सरकार ने केवल एनकाउंटर तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, एनएसए और संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई भी तेज की गई। सरकार का दावा है कि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति ने अपराध जगत में बड़ी हलचल पैदा की है।

सरकार के मुताबिक यूपी अब भय और माफिया के साये से बाहर निकलकर सुरक्षित राज्य की पहचान मजबूत कर रहा है। पुलिस की त्वरित और कठोर कार्रवाई ने अपराधियों को या तो जेल पहुंचाया या प्रदेश छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
यूपी एनकाउंटर मॉडल के बड़े आंकड़े
9 वर्षों में कुल मुठभेड़ : 17,043
गिरफ्तार अपराधी : 34,253
घायल अपराधी : 11,834
ढेर किए गए अपराधी : 289
शहीद पुलिसकर्मी : 18
घायल पुलिसकर्मी : 1,852
सबसे ज्यादा एनकाउंटर : मेरठ जोन- 4,813
सबसे ज्यादा अपराधी ढेर : मेरठ जोन- 97
कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा अपराधी ढेर : गाजियाबाद- 18






