प्रयागराज/वाराणसी, 23 फरवरी 2026:
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण मामले में दर्ज केस की तफ्तीश ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार दोपहर प्रयागराज पुलिस की टीम वाराणसी पहुंची। सूत्रों के मुताबिक टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। उधर, शंकराचार्य ने वाराणसी स्थित अपने आश्रम में वकीलों के साथ लंबी बैठक की। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचाव के लिए वे इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
बैठक के बाद शंकराचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे हमारे गुरुकुल के नहीं हैं। उन्होंने जांच को लेकर यूपी पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता का भरोसा नहीं है और मामले की जांच उस राज्य की पुलिस से कराई जाए जहां भाजपा की सरकार नहीं है।
इससे पहले रविवार को प्रयागराज पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी को लेकर माघ मेला क्षेत्र पहुंची थी। टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। शिविर के आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया गया ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
मामले की शुरुआत 24 जनवरी को हुई जब शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर से माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए शिकायत की। कार्रवाई न होने पर 8 फरवरी को उन्होंने कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट के आदेश पर झुंसी थाने में केस दर्ज हुआ। एफआईआर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
शंकराचार्य का दावा है कि जिन छात्रों का नाम सामने आ रहा है, उनका उनके गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि कोर्ट में जमा मार्कशीट से पता चला कि वे हरदोई जिले के किसी विद्यालय के छात्र हैं। हमारे यहां न उनका पंजीकरण हुआ, न उन्होंने कभी पढ़ाई की। अब पुलिस जांच के अगले कदम और संभावित पूछताछ पर सबकी नजरें टिकी हैं।






