लखनऊ, 24 अप्रैल 2026:
यूपी में सुधरी कानून-व्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है। यहां वर्ष 2025 में 20.53 लाख से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा प्रदेश के साथ देश के लिए भी गौरव का विषय बन गया है।
संगम नगरी के प्रति बढ़ता यह आकर्षण दर्शाता है कि प्रयागराज अब वैश्विक आस्था और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम पर स्नान, पूजा-अर्चना, योग और ध्यान जैसी गतिविधियां विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं।
प्रदेश के अन्य धार्मिक शहरों में भी विदेशी पर्यटकों की अच्छी आमद दर्ज की गई। वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134 और अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक वर्ष 2025 में पहुंचे। विशेषज्ञों का मानना है कि योगी सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने, सीसीटीवी निगरानी, स्वच्छता, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं के विस्तार ने विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके साथ ही घाटों का सुंदरीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार भी बड़ा आकर्षण बना है।

धार्मिक आयोजनों ने भी इस उछाल में अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के रूप में नया इतिहास रचा। 45 दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। 13 जनवरी 2025 से शुरू हुए इस महापर्व में प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से अधिक लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। महज 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई।पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल और दक्षिण-पूर्व एशिया से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन शैली से गहराई से प्रभावित हो रहे हैं।






