
विजय पटेल
रायबरेली, 24 जुलाई 2026ः
नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में जारी सियासी घमासान की गूंज यूपी के रायबरेली तक पहुंच गई है। दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने के बाद जिले में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। इसी क्रम में शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला फूंका। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के हितों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। इसके बाद वकीलों ने पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। अधिवक्ता अखिलेश माही ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका कहना था कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिवक्ता राहुल निर्मल ने कहा कि सरकार को आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शन के बाद जिले में नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। प्रदर्शन में समाजवादी अधिवक्ता सभा से जुड़े अधिवक्ता भी शामिल रहे। कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पूरे घटनाक्रम पर अधिकारियों की नजर रही।






