
लखनऊ, 24 जुलाई 2026:
गो-संरक्षण को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आंदोलन के अगले चरण का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को लखनऊ आशियाना क्षेत्र में आयोजित गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा में उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन के लिए सरकार से किसी तरह की अनुमति नहीं मांगी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के 1.07 लाख गांवों से गोमाता को लखनऊ लाया जाएगा और उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से आंदोलन की शुरुआत होगी। इसके बाद 17 नवंबर को बड़ी संख्या में लोग लखनऊ पहुंचेंगे और यहां 11 दिन तक डेरा डालेंगे। इसके बाद आंदोलन का अगला चरण दिल्ली की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जब इतने लोग और गोमाता लखनऊ आएंगे तो उनके ठहरने, भोजन और दूसरे इंतजाम सरकार को करने चाहिए।
अनुमति न मिलने पर बदली गई रणनीति
शंकराचार्य ने बताया कि 11 मार्च को हुई शंखनाद सभा में 24 जुलाई के बड़े कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। आयोजन समिति के मुताबिक कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं 3 जुलाई तक पूरी कर ली गई थीं, लेकिन तय समय से 36 घंटे पहले तक अनुमति नहीं मिली। इसके बाद समर्थकों से कहा गया कि गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा को विधानसभा स्तर पर आयोजित किया जाए। शुक्रवार को आशियाना स्थित एक निजी क्लब में सभा आयोजित की गई। यहां सभा के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी उनसे मुलाकात की।

छत्तीसगढ़ में होगा प्रशिक्षण शिविर
उन्होंने बताया कि 14 से 17 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में प्रतिनिधियों का सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। इसी दौरान देशभर में एक नोट अभियान भी शुरू होगा। इसके तहत लोगों से आंदोलन के लिए स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देने की अपील की जाएगी। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि गो माता के नाम पर कांवड़ यात्रा निकालने का अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को गो-संरक्षण से जोड़ा जा सके।
काशी में 11 दिन चलेगा गौ प्रतिष्ठा यज्ञ
उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्र के दौरान काशी में 11 दिन का गौ प्रतिष्ठा यज्ञ आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यज्ञ के दौरान लोगों को गो-संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया से उत्तर प्रदेश के हर गांव से एक-एक नंदी या आनंदी की प्रतीकात्मक यात्रा निकलेगी। यह यात्रा अलग-अलग पड़ावों से गुजरते हुए गोपाष्टमी के दिन लखनऊ पहुंचेगी। उनका दावा है कि यह अभियान प्रदेश के 1.07 लाख गांवों तक पहुंचेगा।
लखनऊ के बाद दिल्ली की ओर बढ़ेगा आंदोलन
शंकराचार्य ने कहा कि 17 नवंबर को लखनऊ में प्रस्तावित कार्यक्रम के बाद 11 दिन तक आंदोलन यहीं चलेगा। इसके बाद एक टोली दिल्ली के लिए रवाना होगी, जबकि दूसरी टोली उत्तर प्रदेश के गांवों में जाकर गो-संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को गो-संरक्षण के लिए जोड़ना है।






