लखनऊ, 16 मई 2026:
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक में कर्मचारियों का असंतोष अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। आल इंडिया स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस क्रम में आज विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर काम शुरू किया।
बैंक के कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो 24 और 25 मई को देशव्यापी हड़ताल होगी। संगठन के महामंत्री डीके सिंह ने बताया कि 12 मई को डिप्टी सीएलसी, बैंक प्रबंधन और फेडरेशन पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता पूरी तरह विफल रही। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्ड्स की भर्ती, एनपीएस कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प, वर्ष 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के अंतर मंडलीय स्थानांतरण, स्थायी कार्यों में आउटसोर्सिंग बंद करने तथा पर्याप्त संख्या में नई भर्तियों जैसी अहम मांगें अब तक लंबित हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों ने कैरियर प्रगति योजना की समीक्षा और चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार की भी मांग उठाई। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों पर लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है लेकिन सुविधाएं और मानव संसाधन उसी अनुपात में नहीं बढ़ाए जा रहे।
संगठन के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि 14 मई को कर्मचारियों ने एक्स (ट्विटर) पर देशव्यापी अभियान भी चलाया था। शुक्रवार को मुख्य शाखा पर मंडल अध्यक्ष अजय पांडेय, उपाध्यक्ष अवधेश सिंह, आरपी सिंह, उपमहामंत्री आशुतोष वर्मा, बृजेश कुमार तिवारी, शिव कुमार, तारकेश्वर, आकाश शर्मा, अंकुर अग्रवाल, राकेश कुमार समेत कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने एक बार फिर प्रदर्शन किया। अब आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है।






