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Raksha Bandhan : भद्रा का साया नहीं, ग्रहण का सूतक भी बेअसर… जानें राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त

कल पूरे दिन मना सकेंगे रक्षाबंधन, सुबह 7:33 से 9:48 बजे तक खास मुहूर्त, दोपहर 12:23 से 2 बजे तक भी राखी बांधना शुभ, राहुकाल में बरतें सावधानी

लखनऊ, 27 अगस्त 2026:

भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार खास संयोग लेकर आया है। शुक्रवार (28 अगस्त) को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन भद्रा के साये से मुक्त रहेगा। ऐसे में परिवार अपनी सुविधा के अनुसार पूरे दिन पर्व मना सकेंगे।

सुबह का समय रहेगा खास

राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष शुभ माना गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। यानी सुबह 7:33 से 9:48 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए खास तौर पर शुभ माना जा रहा है।

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अगर किसी परिवार में नौकरी, यात्रा या दूसरे कारणों से सुबह राखी बांधना संभव न हो तो चिंता की जरूरत नहीं है। ज्योतिषाचार्यों अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक भी राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर पर्व मना सकती हैं।

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इस बार भद्रा की बाधा नहीं

इस बार रक्षाबंधन को लेकर भद्रा को लेकर भी कोई असमंजस नहीं है। 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे से शुरू हुआ भद्रा काल रात 9:32 बजे समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने में भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। हालांकि उदय तिथि और कुलाचार के अनुसार रक्षाबंधन पूरे दिन मनाया जा सकेगा।

राहुकाल में राखी बांधने से बचें

रक्षाबंधन के दिन एक समय ऐसा भी रहेगा, जब राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है। सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक राहुकाल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्य नहीं किए जाते, इसलिए इस दौरान राखी बांधने से बचना बेहतर होगा।

चंद्र ग्रहण लगेगा लेकिन भारत में असर नहीं

28 अगस्त को सुबह 8:04 बजे से 11:22 बजे तक खंड चंद्र ग्रहण लगेगा लेकिन भारत में यह दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण की दृश्यता नहीं होने के कारण यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। लिहाजा धार्मिक और मांगलिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।

राखी बांधते समय करें इस मंत्र का जाप

रक्षासूत्र बांधते समय पौराणिक मंत्र का जाप शुभ माना जाता है। इस दौरान बहन भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए ‘ओम येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रों महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल’ मंत्र का उच्चारण कर सकती हैं।

इस रक्षाबंधन पर भद्रा की चिंता नहीं, ग्रहण का सूतक नहीं और राखी के लिए कई शुभ अवसर हैं।बस राहुकाल से बचते हुए भाई-बहन के इस खास पर्व को प्रेम और उल्लास के साथ मनाइए।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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