
लखनऊ, 18 अगस्त 2026:
रामनगरी अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा प्रकरण की जांच में एक अहम डेवलपमेंट सामने आया है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने विशेष जांच दल (SIT) की फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंप दी है। यह रिपोर्ट उस एसआईटी ने तैयार की थी जिसका गठन सुप्रीम कोर्ट के मामले में हस्तक्षेप से पहले प्रदेश सरकार ने किया था।
मालूम हो कि योगी सरकार ने 13 जून को लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। इसमें आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार सदस्य थे। एसआईटी ने महज 10 दिन बाद 23 जून को शासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी थी। इसमें कई कड़ी संस्तुतियां की गई थीं।
इसी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर गत 25 जून को राममंदिर चढ़ावा प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज हुई। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज अपराध संख्या 90/2026 में आठ लोगों को नामजद किया गया था जबकि अन्य अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया।
एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के नाम शामिल हैं।आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। अब एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिक गई हैं।






