
प्रयागराज, 18 अगस्त 2026:
यूपी के प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र में प्रॉपर्टी से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच के दौरान पुलिस ने कमलेश कुमार विश्वास को गिरफ्तार किया है। पता चला कि कमलेश मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। वह करीब 39 साल से भारत में रह रहा था। जांच में उसके पास भारत में रहने से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस ने अवैध नागरिकता व धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बुजुर्ग महिला ने पुलिस से की थी शिकायत
मेजा क्षेत्र की रहने वाली गीता विश्वास ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कमलेश कुमार विश्वास ने उनके पति अमन कुमार विश्वास की फर्जी विरासत तैयार कर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया। शिकायत में कमलेश के बांग्लादेशी नागरिक होने की बात भी कही गई थी।
एसीपी मेजा को सौंपी गई जांच
शिकायत में संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेरफेर का आरोप होने के बाद मामले की जांच एसीपी मेजा को दी गई। पुलिस ने विरासत से जुड़े कागजात, संपत्ति के दस्तावेजों सहित आरोपी के भारत में रहने से संबंधित जानकारी की पड़ताल शुरू की।
1987 में बांग्लादेश से प्रयागराज आया था
पुलिस पूछताछ में कमलेश ने बताया कि वह वर्ष 1987 में अमल कुमार विश्वास के साथ बांग्लादेश से प्रयागराज आया था। वह अमल कुमार को मामा कहता था। पुलिस के मुताबिक, अमल कुमार मेजा क्षेत्र में बंगाली दवाखाना चलाते थे।
पढ़ाई के बाद दवाखाने में करने लगा काम
कमलेश के मुताबिक, प्रयागराज आने के बाद उसने पढ़ाई की। इसके बाद वह मामा के दवाखाने के काम में मदद करने लगा। अमन कुमार विश्वास की मौत के बाद वह बंगाली दवाखाना चलाने लगा। इसी दौरान संपत्ति से जुड़े विवाद का मामला सामने आया।
पहली पत्नी गीता, दूसरी पत्नी चंद्रकांता का जिक्र
पुलिस जांच में सामने आया कि अमन कुमार विश्वास की पहली पत्नी गीता विश्वास थीं। उनकी दूसरी पत्नी के तौर पर चंद्रकांता नाम की महिला का जिक्र मिला। पुलिस के मुताबिक, चंद्रकांता राजस्थान में रहती थीं, जहां वह नर्सिंग का काम करती थीं।
चंद्रकांता के नाम पर तैयार कराई गई विरासत
पुलिस का आरोप है कि अमन कुमार विश्वास की मौत के बाद कमलेश ने एक महिला को चंद्रकांता के रूप में पेश किया। इसके बाद विरासत से जुड़े दस्तावेज तैयार कराए गए। इन कागजात में अमन कुमार विश्वास की संपत्तियां चंद्रकांता के नाम दर्ज दिखाई गईं।
दान के दस्तावेज से कमलेश तक पहुंची संपत्ति
जांच के मुताबिक, इसके बाद यह दिखाया गया कि विरासत में मिली संपत्ति चंद्रकांता ने कमलेश को दान कर दी। पुलिस का कहना है कि इसी दस्तावेजी प्रक्रिया के जरिए कमलेश ने संपत्तियों पर अपना दावा मजबूत किया।
जांच में सामने आई अवैध रूप से भारत में रहने की बात
संपत्ति के कथित फर्जीवाड़े की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कमलेश के भारत में रहने की स्थिति की भी पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच में उसकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई। उसके पास भारत में वैध तरीके से रहने से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं मिले।
कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने कमलेश के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। उसके खिलाफ विदेशी नागरिकों से जुड़े कानून के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपी से जुड़े दूसरे दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।






