Lucknow News : रिश्तेदार के घर छिपे थे करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोपी, सिसेंडी के पूर्व प्रधान और बेटे को पुलिस ने दबोचा
मोहनलालगंज के सिसेंडी क्षेत्र में किये कई फर्जीवाड़े, फर्जी सुरेश कुमार को खड़ा कर हड़प लेते थे जमीन फिर करते थे उसकी बिक्री, रिश्तेदार के घर छिपे थे दोनों आरोपी, पूर्व प्रधान पर पहले से दर्ज हैं 14 मुकदमे

एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 5 अक्टूबर 2026:
यूपी के लखनऊ जिले में करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जीवाड़े में करीब दो महीने से फरार चल रहे पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल और उनके बेटे अमन जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दक्षिणी जोन की SOG और मोहनलालगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों को रायबरेली में एक रिश्तेदार के घर से पकड़ा।
फर्जी पहचान बनाकर जमीन बेचने का है आरोप
सिसेंडी क्षेत्र की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने के मामले में राजेश कुमार जायसवाल, उनके बेटे अमन समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष गुप्ता की शिकायत पर 25 जुलाई को मोहनलालगंज थाने में FIR दर्ज हुई थी।
असली मालिक की जगह हरीलाल को बनाया सुरेश
पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन की बिक्री के लिए असली सुरेश कुमार की जगह हरीलाल को फर्जी तरीके से सुरेश कुमार बनाकर पेश करने का आरोप है। इसके बाद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन की बिक्री कराई गई। पुलिस इस मामले में फर्जी सुरेश कुमार बने हरीलाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
दो महीने से तलाश में जुटी थी पुलिस
मुकदमे में नामजद होने के बाद राजेश कुमार जायसवाल और अमन जायसवाल फरार हो गए थे। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन दोनों हाथ नहीं आए। इसके बाद पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।
रायबरेली में रिश्तेदार के घर मिली लोकेशन
रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी रायबरेली में एक रिश्तेदार के घर ठहरे हुए हैं। सूचना मिलते ही SOG और मोहनलालगंज पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों से जमीन फर्जीवाड़े को लेकर पूछताछ कर रही है।
पूर्व प्रधान पर 14 मुकदमे दर्ज
इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि जमीन फर्जीवाड़े में फरार चल रहे पूर्व प्रधान और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शामिल दूसरे आरोपियों की भूमिका भी जांची जा रही है। पुलिस के मुताबिक राजेश कुमार जायसवाल के खिलाफ अलग-अलग मामलों में 14 मुकदमे दर्ज हैं। अब पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जमीन की बिक्री और पूरे फर्जीवाड़े में शामिल दूसरे लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।






