‘योगी की पाती’ में पूर्वजों की विरासत से लेकर स्वस्थ UP का संदेश, CM योगी बोले- संस्कारों को आचरण में उतारें
पितृ पक्ष पर प्रदेशवासियों को लिखी चिट्ठी में सीएम ने श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के महत्व को बताया, 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण और 12 से 31 अक्टूबर तक चलेगा दस्तक अभियान

लखनऊ, 5 अक्टूबर 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पितृ पक्ष पर प्रदेशवासियों के नाम चिट्ठी लिखी है। ‘योगी की पाती’ के जरिए सीएम ने सनातन परंपरा, पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपनी चिट्ठी की शुरुआत पितृ पक्ष की महत्ता से करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति केवल अतीत को याद करने की परंपरा नहीं अपितु अतीत से वर्तमान और वर्तमान से भविष्य को जोड़ने वाली जीवन दृष्टि है। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर से शुरू हुआ पितृ पक्ष 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पूर्ण होगा। इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के जरिए लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं। उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
योगी ने कहा कि आज हम जो कुछ हैं, उसमें पूर्वजों के तप, त्याग, परिश्रम और संस्कारों का योगदान है। उनके प्रति कृतज्ञता केवल स्मरण नहीं है। अपने उत्तरदायित्व को समझने का संस्कार भी है। पिछली पीढ़ियों से मिली विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों को उससे अधिक समृद्ध विरासत सौंपना हमारा धर्म है।
चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने आगरा किले में कैद शाहजहां और औरंगजेब से जुड़ा ऐतिहासिक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग बताता है कि सनातन जीवन पद्धति में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा कितनी गहराई से जुड़ी है।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
हमारी महान सनातन संस्कृति अतीत को स्मरण करने की परंपरा मात्र नहीं, अपितु अतीत से वर्तमान और वर्तमान से भविष्य को जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि है। पितृ पक्ष इसी सनातन भाव की अभिव्यक्ति का अवसर है। इन दिनों श्राद्ध के माध्यम से हम अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं, तर्पण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
पूर्वजों से मिली स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारा दायित्व है। हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक परिवार के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
आइए, स्वच्छता को अपनी दिनचर्या बनाएं, अपने आस-पास झाड़ियां न उगने दें, जलभराव न होने दें, बुखार जैसे लक्षणों को गंभीरता से लें और ‘दस्तक’ को हर घर में स्वास्थ्य-जागरूकता का अभियान बनाएं। स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज से ही विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 5, 2026
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करने, बच्चों को संस्कारों से जोड़ने और ज्ञान, सेवा व सदाचार की परंपरा को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों से मिली स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की विरासत को आगे बढ़ाना भी समाज का दायित्व है।
इसी क्रम में योगी ने प्रदेश में चल रहे स्वास्थ्य अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1 से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलेगा। स्वास्थ्यकर्मी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समेत अन्य विभागीय कर्मचारी घर-घर पहुंचकर स्वच्छता, रोगों के लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी यूपी में कभी अभिशाप मानी जाने वाली इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन इस बात का प्रमाण है कि सरकार, प्रशासन और जनता मिलकर बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से घर और आसपास स्वच्छता रखने, जलभराव रोकने, झाड़ियों को न उगने देने और बुखार जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की अपील की। योगी ने कहा कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज से ही विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा।






