
लखनऊ, 20 सितंबर 2026:
UP Assembly Elections 2027 के नजदीक आने के राज्य का सियासी पारा चढ़ चुका है। बीजेपी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने आक्रामक रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के यूपी प्रभारी और पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की नीतियां हमेशा से वंचितों और दलितों के अधिकारों को दबाने वाली रही हैं।
’संविधान को नहीं मानते पीएम मोदी और सीएम योगी’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि सीएम योगी और पीएम मोदी से अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी/एसटी) समाज के लिए न्याय की उम्मीद करना बेमानी है, क्योंकि दोनों नेता देश के संविधान को नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी के संवैधानिक अधिकारों पर बीजेपी की सरकारें लगातार कुठाराघात कर रही हैं।
मेडिकल कॉलेजों में दलित आरक्षण घटाने का आरोप
राजेंद्र पाल गौतम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर दलित छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज और जालौन में स्थित चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों का निर्माण एससी कल्याण के लिए निर्धारित ‘स्पेशल कंपोनेंट प्लान’ (SCP) के फंड से किया गया था। इन कॉलेजों में 200 सीटें निर्धारित थीं और 70 प्रतिशत सीटें दलित समाज के छात्रों के लिए आरक्षित थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में हाईकोर्ट में दायर एक निजी याचिका के दौरान राज्य सरकार के विधि अधिकारी ने सरकार का पक्ष सही और प्रभावी ढंग से नहीं रखा। इसके चलते अदालत ने नीतिगत प्रावधानों को समाप्त कर दिया। नतीजा यह हुआ कि इन मेडिकल कॉलेजों में दलित छात्रों का प्रवेश कोटा 70 प्रतिशत से घटकर महज 21 प्रतिशत रह गया और छात्र स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हो गए।
’1978 में कांग्रेस ने रखी थी एससीपी की नींव’
कांग्रेस प्रभारी ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के 28 साल बाद भी जब दलितों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तब कांग्रेस ने 1975 और 1978 में विस्तृत अध्ययन कराया था। इसके बाद 1978-79 में योजना आयोग के जरिए ‘शेड्यूल कास्ट कंपोनेंट प्लान एंड ट्राइबल सब-प्लान’ की नींव रखी गई जिससे बजट का तय हिस्सा सीधे दलित कल्याण पर खर्च हो।
दलितों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं! |
प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस श्री राजेंद्र पाल गौतम (@AdvRajendraPal) जी की प्रेस वार्ता pic.twitter.com/jC1NxhgcLw
— UP Congress (@INCUttarPradesh) September 20, 2026
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का मुख्य नियम यह है कि यदि फंड तय वित्तीय वर्ष में खर्च न हो, तो उसे अगले साल कैरी फॉरवर्ड करना अनिवार्य है जिससे यह लैप्स नहीं हो सकता। लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार इस नियम की धज्जियां उड़ाते हुए पैसों को डाइवर्ट या लैप्स कर रही है जिससे छात्रवृत्ति और हॉस्टल निर्माण का काम ठप्प पड़ गया है।
सड़क से कोर्ट तक आंदोलन की चेतावनी
राजेंद्र पाल गौतम ने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी एससी/एसटी समाज के युवाओं और छात्रों के हक की यह लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक लड़ेगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं सह-प्रभारी संजीव आर्य, मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद, वाइस चेयरमैन प्रियंका गुप्ता, जोनल कोआर्डिनेटर पुनीत पाठक, प्रदेश प्रवक्ता सचिन रावत, सिद्धिश्री, मान सिंह चौहान और हम्माम वहीद समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।






