मथुरा, 3 मार्च 2026:
ब्रज की होली रंग, भक्ति और प्रेम का अनोखा संगम मानी जाती है। जब देशभर में होली का उत्साह थमने लगता है, तब ब्रज के बलदेव कस्बे में एक अलग ही रंग जमता है। यहां स्थित श्री दाऊजी महाराज मंदिर में होली के बाद मनाया जाने वाला हुरंगा पूरे देश में मशहूर है।
इस साल 5 मार्च गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मंदिर के आंगन में हुरंगा खेला जाएगा। हजारों श्रद्धालु इस अनूठे आयोजन के साक्षी बनेंगे। हुरंगा ब्रज की विशेष होली है, जो सामान्य लठमार होली से बिल्कुल अलग होती है। यहां लाठियों की जगह प्रेम से भरे पोतनों की बरसात होती है। पोतने रंग में भीगे कपड़ों के टुकड़े होते हैं, जिन्हें हुरियारिनें हुरियारों पर फेंकती हैं।

मान्यता के अनुसार यह उत्सव भगवान बलराम की लीलाओं से जुड़ा है। हुरंगा में अबीर-गुलाल, फूलों की पंखुड़ियां और टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। केमिकल रंगों से परहेज रखा जाता है। माहौल पूरी तरह स्नेह, मस्ती और अपनत्व से भरा होता है।
ब्रज में प्रचलित कहावत है कि सब जगह होली खत्म हो जाती है, लेकिन ब्रज में होरा चलता रहता है। हुरंगा इसी परंपरा का प्रतीक माना जाता है। बलदेव कस्बे में स्थित यह मंदिर भगवान बलराम का प्रमुख धाम है। इसे ब्रज के प्राचीन और महत्वपूर्ण मंदिरों में गिना जाता है। यहां स्थापित विशाल प्रतिमा को दाऊजी के नाम से जाना जाता है। मंदिर कृष्ण-बलराम के भाईचारे और ब्रज की लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।
विश्व प्रसिद्ध हुरंगा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पेयजल और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी। देश-विदेश से आने वाले भक्तों के मद्देनजर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं।






