
न्यूज डेस्क, 25 जून 2026:
UPI, Mobile Banking और Internet Banking के बढ़ते इस्तेमाल के साथ Cyber Fraud के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार ग्राहकों को राहत देने के लिए नया मुआवजा ढांचा तैयार किया है। नए नियमों के तहत पात्र ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक का मुआवजा मिल सकेगा।
RBI की ओर से जारी व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू होगी। इसका मकसद डिजिटल लेनदेन से जुड़े फ्रॉड मामलों में ग्राहकों को जल्दी राहत देना और बैंकों की जवाबदेही तय करना है।
नए नियमों के मुताबिक यदि किसी ग्राहक को Digital Fraud की वजह से 50 हजार रुपये तक का नुकसान होता है और वह तय समय सीमा के भीतर शिकायत दर्ज कराता है, तो उसे नुकसान की 85 फीसदी रकम या अधिकतम 25 हजार रुपये तक मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि यह सुविधा एक ग्राहक को केवल एक बार ही मिलेगी।

मुआवजे का लाभ लेने के लिए पीड़ित को घटना के पांच दिनों के भीतर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल, हेल्पलाइन 1930 और संबंधित बैंक को सूचना देनी होगी। समय पर शिकायत मिलने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। RBI का मानना है कि इससे लोग फ्रॉड की घटनाओं को छिपाने के बजाय तुरंत रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
नई व्यवस्था में मुआवजे का पूरा बोझ केवल बैंकों पर नहीं डाला गया है। कुछ मामलों में RBI भी वित्तीय जिम्मेदारी साझा करेगा। वहीं Cross Border Digital Fraud के मामलों के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें ग्राहक का बैंक और लाभार्थी बैंक दोनों जिम्मेदारी साझा करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बैंकिंग संस्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही फ्रॉड रोकने के लिए बेहतर तकनीक और निगरानी तंत्र विकसित करने की दिशा में भी तेजी आएगी। डिजिटल सुरक्षा से जुड़े बदलावों के साथ RBI ने बैंकों के Forex Risk Management नियमों में भी संशोधन किया है। नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा जोखिम का बेहतर आकलन करना और बैंकों को पर्याप्त पूंजी बनाए रखने के लिए तैयार करना है।
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि इन बदलावों से भारतीय बैंकिंग सिस्टम वैश्विक मानकों के और करीब पहुंचेगा। इससे Digital Payment Ecosystem में ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा और बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

