एंटरटेनमेंट डेस्क, 10 फरवरी 2026:
फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच कर कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार जिस व्यक्ति ने सप्लाई किए थे, वह खुद को गैराज मैकेनिक बताकर पिछले चार साल से बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच ने साफ किया है कि हमलावरों के निशाने पर सीधे तौर पर रोहित शेट्टी ही थे और यह कोई डराने भर की घटना नहीं थी।
बता दें 31 जनवरी की रात करीब 12:45 बजे मुंबई के जुहू इलाके में रोहित शेट्टी के घर के बाहर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई थी। इनमें से एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से जा टकराई थी।
घटना के बाद बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई थी, जिसमें लॉरेंस गैंग की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी।

जांच में सामने आया है कि आरोपी हथियार सप्लायर आसाराम फासले बिश्नोई गैंग के कथित मास्टरमाइंड शुभम लोंकर के संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि वह पहले बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े मामलों में भी गैंग के लिए काम कर चुका है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, शुभम लोंकर के कहने पर आसाराम ने स्वप्निल सकट को हथियार सौंपे थे, जिनका इस्तेमाल बाद में रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग में किया गया।
पुलिस ने आरोपी आसाराम फासले को 5 फरवरी को गिरफ्तार किया था। पहले से हिरासत में लिए गए चार आरोपियों में से एक के जरिए उसकी पहचान हुई थी। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी के कुछ करीबी लोगों को उसके गैंग से जुड़े होने की भनक थी, हालांकि वे लोग कौन हैं और उनका लॉरेंस या बिश्नोई गैंग से सीधा रिश्ता है या नहीं, इस पर अभी जांच जारी है।

क्राइम ब्रांच अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के लिए हथियार कहां से जुटाए गए थे और इसके बदले आरोपी को कितनी रकम दी गई थी। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि गैंग के बाकी लोगों तक पहुंचा जा सके।






