
अनिल निषाद
अयोध्या, 17 अगस्त 2026:
सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर्व के एक साथ पड़ने से सोमवार को यूपी की रामनगरी अयोध्या में सुबह से ही आस्था का सैलाब नजर आया। सरयू घाटों से लेकर प्रमुख शिव मंदिरों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। लोगों ने सरयू में स्नान किया, इसके बाद भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के लिए मंदिरों का रुख किया।
सरयू के घाटों पर भी रही श्रद्धालुओं की आवाजाही
नाग पंचमी और सावन सोमवार के चलते सरयू घाटों पर भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना की और फिर मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। एक तरफ शेषावतार मंदिर में नाग पंचमी की पूजा होती रही, वहीं दूसरी तरफ नागेश्वरनाथ सहित दूसरे शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भक्त कतार में खड़े रहे।

नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए लंबी कतार
नाग पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार होने से अयोध्या के शिवालयों में भी सुबह से भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने पहले सरयू में आस्था की डुबकी लगाई, फिर भगवान शिव के दर्शन के लिए नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे। श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित माने जाने वाले प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे मंदिर
नागेश्वरनाथ मंदिर में अपनी बारी का इंतजार कर रहे श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। सिर्फ नागेश्वरनाथ मंदिर ही नहीं, अयोध्या शहर और ग्रामीण इलाकों के अलग-अलग शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालु पहुंचते रहे। सावन सोमवार होने के चलते लोगों ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया और पूजा-अर्चना की। कई मंदिरों में भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं को कतार के जरिए दर्शन कराया गया।

नाग पंचमी पर शेषावतार मंदिर में सुबह से लगी कतार, लावा और चना चढ़ाकर मांगी खुशहाली
सरयू किनारे स्थित प्राचीन शेषावतार मंदिर में नाग पंचमी पर सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लग गई। भक्तों ने भगवान शेषावतार के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा की। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। शेषावतार मंदिर में नाग पंचमी के दिन लावा-चना चढ़ाने की खास परंपरा है। श्रद्धालुओं ने भगवान शेषावतार को लावा-चना अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। बड़ी संख्या में लोग पूजा सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे।
मंदिर के बाहर सर्प को दूध अर्पित करने पहुंचे लोग
मंदिर में पूजा-अर्चना कर बाहर निकल रहे श्रद्धालु सर्प की पूजा के लिए भी रुके। यहां मौजूद सपेरों के पास श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से सर्प को दूध अर्पित किया। यहां दूर-दराज से भारी संख्या में सपेरे आए थे। श्रद्धालुओं ने उन्हें भी दक्षिणा दी। नाग पंचमी के मौके पर सर्प पूजा को लेकर लोगों में विशेषकर महिलाओं में खास उत्साह नजर आया।
शेषनाग के अवतार माने जाते हैं लक्ष्मण
धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण को शेषनाग का अवतार माना जाता है। इसी मान्यता के चलते नाग पंचमी पर शेषावतार भगवान की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है। शेषावतार मंदिर में इस दिन दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
भीड़ संभालने के लिए रहे सुरक्षा के इंतजाम
प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए। नागेश्वरनाथ मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया गया, श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश दिया गया। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर निगरानी भी रखी गई।






