बिजनेस डेस्क, 2 अप्रैल 2026:
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार तेज गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स करीब 1300 अंकों से ज्यादा टूटकर 71,700 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 22,250 के नीचे फिसल गया। बुधवार को आई तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और अगले ही दिन बाजार पर दबाव हावी हो गया।
सुबह करीब 9:39 बजे सेंसेक्स 1394 अंक गिरकर 71,739 के करीब कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी करीब 408 अंक टूटकर 22,271 के स्तर पर बना रहा। शुरुआती घंटे में ही निवेशकों की धारणा कमजोर नजर आई।
बाजार की इस गिरावट के पीछे ग्लोबल संकेत अहम रहे। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और उस पर डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का असर निवेशकों की सोच पर साफ दिखा। इसके चलते एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल बना रहा, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
सेक्टर की बात करें तो बैंकिंग और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। बड़े बैंकिंग शेयर दबाव में रहे, जिससे सेंसेक्स पर सीधा असर पड़ा। फार्मा कंपनियों के शेयर भी गिरावट में शामिल रहे, जिससे बाजार को संभलने का मौका नहीं मिला। फिलहाल शुरुआती कारोबार में बाजार पूरी तरह दबाव में नजर आया और निवेशक सतर्क रुख अपनाते दिखे।
शेयर बाजार गिरने की एक बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया जोरदार उछाल भी है। ट्रंप के भाषण के बाद ब्रेंट क्रूड 5.24 प्रतिशत बढ़कर $106.47 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं, अमेरिकी तेल (WTI) भी 4.5% चढ़कर $104 के पार है। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं।






