न्यूज डेस्क, 4 मई 2026:
देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। सबसे ज्यादा नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं जहां शुरुआती आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी मुकाबले में बनी हुई है। इससे तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल की 293 सीटों पर जारी मतगणना में ताजा रुझानों के मुताबिक भाजपा 160 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी 117 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनः मतदान होना है। हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीछे चल रही थीं जबकि उनके प्रतिद्वंदी सुवेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए थे। वहीं पानीहाटी सीट पर आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को बढ़त मिलती दिख रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से चर्चित इलाके झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम में भाजपा चारों सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों से यह भी संकेत मिल रहा है कि इस बार के एग्जिट पोल काफी हद तक सही साबित हो सकते हैं क्योंकि 8 में से 6 सर्वेक्षणों ने भाजपा की सरकार बनने का अनुमान लगाया था।
कोलकाता स्थित भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल दिखने लगा है। कार्यकर्ता मिठाइयां बांट रहे हैं और पार्टी नेताओं का दावा है कि राज्य में भगवा लहर चल रही है। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
दूसरी ओर, असम में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 72 सीटों पर बढ़त के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। कांग्रेस यहां सिर्फ 21 सीटों तक सिमटती नजर आ रही है।

केरल में तस्वीर अलग है। वहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 56 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं सीपीआईएम 31 और सीपीआई 11 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग भी 20 सीटों पर मजबूत स्थिति में है।
तमिलनाडु में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। टीवीके ने 85 सीटों पर बढ़त बनाकर सभी को चौंका दिया है जबकि एआईडीएमके 61 और डीएमके 35 सीटों पर आगे हैं। भाजपा यहां केवल 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पुदुचेरी में एआईएनआरसी 7 सीटों पर आगे है जबकि कांग्रेस 3 और भाजपा 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में इस बार का चुनाव अब तक का सबसे आक्रामक चुनाव माना जा रहा है। 23 जिलों के 77 केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच मतगणना कराई गई। कुल 2,926 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।






