Sitapur City

फॉलोअर ने किया सुसाइड, शव रखकर परिवार का धरना, सांसद बोले, FIR नहीं तो अंतिम संस्कार भी नहीं

सीतापुर में फॉलोअर शैलेन्द्र पाल की मौत पर सियासत तेज, दिल्ली से संसदीय सत्र छोड़ पहुंचे सांसद राकेश राठौर, प्रशासन से देर रात चली वार्ता बेनतीजा रही, परिजनों ने कमांडेंट समेत अन्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग दोहराई

सीतापुर, 16 जुलाई 2026:

सीतापुर में एपीटीसी (आर्म्स पुलिस ट्रेनिंग सेंटर) के फॉलोअर शैलेन्द्र पाल की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ चुका है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर रात शव गांव पहुंचा तो सांसद राकेश राठौर सीधे पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और उनके साथ धरने पर बैठ गए। तेज बारिश के बावजूद परिजन, ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी रात शव के पास डटे रहे। परिवार ने साफ कर दिया कि जब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

देर रात पहुंचे अधिकारी, नहीं बनी सहमति

धरने की सूचना मिलने पर देर रात एएसपी उत्तरी आलोक सिंह, सीओ सिटी कपूर कुमार और एसडीएम सदर जनार्दन कुमार गांव पहुंचे। अधिकारियों ने सांसद और परिजनों से बातचीत कर धरना खत्म करने और अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। सांसद राकेश राठौर ने प्रशासन से कहा कि पहले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी। हालात को देखते हुए गांव में पूरी रात पुलिस बल तैनात रहा।
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दिल्ली से सीधे गांव पहुंचे सांसद

घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद राकेश राठौर दिल्ली में चल रहे संसदीय सत्र से सीधे सीतापुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और धरने का नेतृत्व संभाल लिया। उनके पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी धरना स्थल पर जुट गए।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

शैलेन्द्र पाल की पत्नी सरिता पाल का आरोप है कि उनके पति एपीटीसी कमांडेंट के सरकारी आवास पर साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करते थे। 25 जून को आवास से रुपये और कुछ सामान गायब होने के बाद शक के आधार पर उन्हें घर से बुलाकर ले जाया गया।

चोरी के शक में कमरे में बंदकर प्रताड़ित किया गया

परिजनों का आरोप है कि शैलेन्द्र को दो दिन तक एक कमरे में बंद रखकर प्रताड़ित किया गया। उनसे लगातार पूछताछ की गई, मारपीट की गई और बाद में भी रोज बंगले पर बुलाकर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाता रहा। परिवार का यह भी आरोप है कि उनसे दो लाख रुपये की मांग की गई, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। प्रताड़ना से परेशान होकर शैलेन्द्र ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।

एसपी कार्यालय से गांव तक चला विरोध

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पहले एसपी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। बाद में सभी लोग सांसद राकेश राठौर के आवास पहुंचे, जहां परिवार ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद गांव में शव रखकर धरना शुरू कर दिया गया। धरने में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष शिवप्रकाश सिंह, महिला नेता सुनीला रावत, सुनीता चौधरी समेत कई स्थानीय नेता और ग्रामीण मौजूद रहे। परिजनों ने कमांडेंट को निलंबित करने, संबंधित पुलिसकर्मियों पर हत्या, प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, दोषियों की गिरफ्तारी, परिवार को आर्थिक मदद और सुरक्षा देने की मांग की। सीतापुर के एसपी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि मामले में शिकायती पत्र मिला है। सभी आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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