सीतापुर, 25 फरवरी 2026:
अगर आप रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति को लिफ्ट दे रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। सीतापुर पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों का भरोसा जीतता था और फिर जेब काटकर फरार हो जाता था। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रामकोट पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कन्नौज जिले के इंद्रगढ़ थाना क्षेत्र के बलेपुरवा निवासी सनी राजपूत, असेरन गांव के राजन उर्फ बेलुआ, जगतापुर के रोहित, ठठीया थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी बृजेश, फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र के मेहरुपुररावी निवासी ऋषभ गिहार और कुनाल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 हजार 200 रुपये, पांच ब्लेड, एक तमंचा और एक वाहन बरामद किया गया है। पुलिस उनके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर और पुलिसकर्मियों जैसा हेयरकट रखकर लोगों को झांसे में लेते थे। रास्ते में लिफ्ट मांगते और मौका मिलते ही जेब काट लेते थे। वारदात के बाद बहाना बनाकर तुरंत उतर जाते थे।
27 नवंबर 2025 को महोली कस्बे में एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर आरोपी ने जेब काटी थी। वहीं 30 जनवरी को रामकोट क्षेत्र में हाईवे पर एक बैंक कर्मचारी को निशाना बनाकर करीब 40 हजार रुपये पार कर दिए थे।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और कन्नौज व फर्रुखाबाद के रहने वाले हैं। ये लोग दूसरे जिलों में जाकर वारदात करते थे ताकि पहचान न हो सके। इन पर कानपुर, लखनऊ, मैनपुरी, कन्नौज, फतेहगढ़, हरदोई और सीतापुर समेत कई जिलों में 12 से 15 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह अस्पताल, बैंक और सराफा बाजार के बाहर पहले रेकी करता था, फिर शिकार चुनता था।
30 जनवरी की घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें आरोपी कार और बाइक से जाते हुए दिखाई दिए। फुटेज के आधार पर क्राइम ब्रांच ने कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह तक पहुंच बनाई और सभी को गिरफ्तार कर लिया।






