न्यूज डेस्क, 11 जुलाई 2026:
पूर्वी एशिया इस समय पिछले कई दशकों के सबसे शक्तिशाली तूफानों में गिने जा रहे सुपर टाइफून ‘बावी’ के खतरे से जूझ रहा है। फिलीपींस में इस तूफान के कारण हुए भूस्खलनों में कम से कम 15 लोगों की मौत होने की खबर है। ताइवान और जापान में व्यापक स्तर पर एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यह विशाल टाइफून करीब 1,000 किलोमीटर चौड़ाई में है। ये अपने सबसे चौड़े हिस्से में लगभग फ्रांस के आकार जितना फैला हुआ है। यह प्रशांत महासागर से आगे बढ़ते हुए ताइवान और जापान के नजदीक पहुंच गया है।
संभावित खतरे को देखते हुए ताइवान सरकार ने मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों से 14 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में एक मीटर तक बारिश होने की आशंका जताई है। खराब मौसम के कारण 917 अंतरराष्ट्रीय और सभी 274 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालांकि अनुमान है कि बावी सीधे ताइवान से नहीं टकराएगा लेकिन इसके विशाल आकार और तेज हवाओं के कारण भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

ताइवान के राष्ट्रपति ने जताई ये आशंका
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने सोशल मीडिया पर कहा कि तूफान अब कुछ कमजोर होकर मध्यम श्रेणी में आ गया है लेकिन इसका दायरा अभी भी बेहद बड़ा है। यह कई इलाकों में तेज हवाएं तथा भारी बारिश ला सकता है। उन्होंने लोगों से प्रशासन की सलाह का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की।
जापान के साकिशिमा द्वीप समूह के लिए चेतावनी
उधर, जापान के मौसम विभाग ने भी साकिशिमा द्वीप समूह के लिए बाढ़, ऊंची लहरों और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। शनिवार को टाइफून ने दक्षिणी साकिशिमा द्वीपों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ दस्तक दी। लोकप्रिय पर्यटन स्थल इशिगाकी में पूरे दिन सभी उड़ानें और फेरी सेवाएं बंद रहीं। स्थानीय बंदरगाहों पर खड़ी नौकाएं ऊंची लहरों और तेज धाराओं के कारण डगमगाती रहीं।

अमेरिका के गुआम, मारियाना व रोटा द्वीपों के ऊपर से गुजरा
जानकारी के अनुसार तूफान के केंद्र के पास लगातार हवाओं की रफ्तार 144 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंकों की गति 198 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है। नासा के अनुसार 5 जुलाई को सुपर टाइफून बावी अपनी चरम स्थिति में था। तब इसकी अधिकतम हवा की रफ्तार 290 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी। उस समय यह अमेरिका के गुआम, मारियाना और रोटा द्वीपों के ऊपर से गुजरा था।
पूरे पूर्वी एशिया में प्रशासन हाई अलर्ट पर
इसके बाद में इसकी तीव्रता कुछ कम हुई और चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र के अनुसार फिलहाल इसकी रफ्तार करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटा है। विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र की सतह का लगभग 30 डिग्री सेल्सियस तापमान इस तूफान के तेजी से शक्तिशाली बनने की बड़ी वजह बना। फिलहाल पूरे पूर्वी एशिया में प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लोगों से लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है।






