Uttar Pradesh

सहायता समूह से मिली उड़ान: अमेठी की सुनीता देवी बनीं ‘शिवम स्पोर्ट्स’ की सफल उद्यमी

कभी कच्ची कोठरी में गुजारा करने वाली सुनीता की मासिक आय अब 90 हजार तक पहुंचीं, स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी की दिशा, 4 लोगों को दिया रोजगार, गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

लखनऊ, 23 मार्च 2026:

यूपी के अमेठी जनपद के संग्रामपुर क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत उत्तरगांव पुरवा डिहवा की रहने वाली 41 वर्षीय सुनीता देवी की सफलता की कहानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सुनीता ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूह की मदद से अपने जीवन को नई दिशा दी और आज एक सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना ली है।

कुछ साल पहले तक सुनीता देवी का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण था। उनके पति मुरलीधर दूसरे शहर में सिलाई का काम करते थे लेकिन सीमित आय के कारण परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था। न तो खेती थी और न ही कोई स्थायी आय का साधन। परिवार एक छोटी कच्ची कोठरी में रहता और भविष्य पूरी तरह अनिश्चित नजर आता था।

इसी बीच सुनीता ने गांव में संचालित महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। यह उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। समूह से 10,000 रुपये का पहला ऋण लेकर उन्होंने घर पर ही सिलाई मशीन से कपड़े बनाना शुरू किया और गांव-गांव जाकर उन्हें बेचने लगीं। उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे आय बढ़ने लगी।

बढ़ते आत्मविश्वास के साथ उन्होंने 50,000 रुपये का दूसरा ऋण लिया और अमेठी में किराये पर कमरा लेकर शिवम स्पोर्ट्स के नाम से दुकान शुरू की। यहां वह ट्रैक सूट, टी-शर्ट और अन्य स्पोर्ट्स वियर तैयार कर बेचने लगीं। कारोबार बढ़ने के साथ उन्होंने अपनी खुद की दुकान भी खोल ली।

अगस्त 2025 में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से सीसीएल के माध्यम से 3 लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद सुनीता ने अपने व्यवसाय का और विस्तार किया। आज उनकी मासिक आय 90,000 रुपये से अधिक हो चुकी है। सर्दियों में स्पोर्ट्स वियर की बढ़ती मांग से उनकी आमदनी दोगुनी तक हो जाती है।

सुनीता देवी ने न केवल अपना पक्का घर बनवाया, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई भी सुनिश्चित की। वह हर महीने बैंक की किस्त समय पर जमा करती हैं। अपने व्यवसाय में 4 लोगों को रोजगार भी दे रही हैं। उनके पति और बेटा भी इस काम में सहयोग करते हैं।

सुनीता अपने गांव में सशक्त महिला के रूप में पहचानी जाती हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर कई महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ रही हैं। सुनीता का मानना है कि आत्मविश्वास और सरकारी सहयोग से कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थितियां बदल सकता है। अब उन्होंने अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए जमीन भी खरीद ली है और भविष्य में दूसरी दुकान खोलने की योजना बना रही हैं।

 

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