
नई दिल्ली: भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों की कमर तोड़ दी गई। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा। इसके बावजूद, पाकिस्तान सरकार आतंकियों के परिजनों को आर्थिक मदद पहुंचा रही है।
भारतीय हमलों में मारे गए आतंकियों के परिवारों को पाकिस्तान सरकार और राज्य सरकार की ओर से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव शुरू हुआ था। हमले का बदला लेने के इरादे से भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी।
ऑपरेशन में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों का सफाया हुआ। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने मृत आतंकियों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने कहा कि मारे गए आतंकियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये और घायल व्यक्तियों को 1 मिलियन रुपये दिए जाएंगे।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और आतंकियों को समर्थन
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा रही है। IMF से उधार लेकर अपने दिन काटने वाला पाकिस्तान, आतंकियों के परिजनों को मुआवजा देने में पैसा लुटा रहा है। हाल ही में IMF से मिले लोन की पहली किस्त का इस्तेमाल आतंकियों को मदद पहुंचाने में किया गया।
इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान को अपनी जनता की भलाई से ज्यादा आतंकवाद को पालने की चिंता है। IMF से उधार लिया पैसा आतंकियों के परिवारों पर लुटाया जा रहा है, जबकि आम जनता महंगाई और भुखमरी से जूझ रही है।
भारत की इस सर्जिकल स्ट्राइक ने न सिर्फ आतंकियों का खात्मा किया, बल्कि उनके ठिकानों को भी तबाह कर दिया। बावजूद इसके, पाकिस्तान उन्हें दोबारा फलने-फूलने में मदद कर रहा है।






