प्रयागराज, 4 अप्रैल 2026:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक) और एलटी ग्रेड शिक्षक भर्तियों को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब इन दोनों श्रेणियों की नई भर्तियों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास होना अनिवार्य योग्यता होगी। यह आदेश जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने जयहिंद यादव व अन्य की याचिका पर सुनाया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली-1983 के नियम 8 में निर्धारित योग्यताओं के साथ अब TET को भी जरूरी रूप से शामिल किया जाएगा। इससे पहले जारी भर्तियों में इस अनिवार्यता को लेकर स्पष्टता नहीं थी जिस पर याचिकाकर्ता ने सवाल उठाए थे।
प्रयागराज निवासी जयहिंद ने 28 जुलाई 2025 को निकली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती को चुनौती देते हुए कहा था कि इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (RTE Act) का उल्लंघन हुआ है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि आयोग के विज्ञापन में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भर्ती किन कक्षाओं के लिए और किस कैडर के तहत की जा रही है।
हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विज्ञापन में कक्षाओं का उल्लेख न करना गंभीर चूक है। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वह शुद्धि पत्र (corrigendum) जारी कर यह स्पष्ट करे कि यह भर्ती केवल कक्षा 9 और 10 के लिए है।
इसके अलावा कोर्ट ने शिक्षा विभाग के अपर निदेशक के हलफनामे पर भी ध्यान दिया। इसमें बताया गया कि प्रदेश में 904 ऐसे संस्थान हैं जहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में आयोग का यह दावा कि कक्षा 6 से 8 तक कोई पद रिक्त नहीं है, तार्किक नहीं माना गया।
याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि सीटी (Certificate of Teaching) कैडर को पहले ही समाप्त कर एलटी कैडर में समाहित किया जा चुका है। इसलिए TET योग्यता अनिवार्य होनी चाहिए। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए। इस फैसले से प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।






