न्यूज डेस्क, 21 मई 2026:
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी ने देशभर में ऐसा डिजिटल भूचाल खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब कोर्ट से निकलकर सोशल मीडिया की राजनीति तक पहुंच गई है। युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से किए जाने के आरोपों के बाद शुरू हुआ व्यंग्यात्मक अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अब इंटरनेट का सबसे चर्चित ट्रेंड बन चुका है।
हालांकि जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को मीडिया के एक वर्ग ने तोड़-मरोड़कर पेश किया लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह मुद्दा आग पकड़ चुका था। देखते ही देखते कॉकरोच जनता पार्टी नाम से वेबसाइट बन गई। इंस्टाग्राम अकाउंट वायरल हो गए और हजारों मीम, कार्टून वीडियो और राजनीतिक व्यंग्य इंटरनेट पर छा गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह महज मजाक तक सीमित नहीं रहा। पार्टी की वेबसाइट के अनुसार अब तक तीन लाख से ज्यादा लोग खुद को सीजेपी का सदस्य रजिस्टर करा चुके हैं जबकि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स करोड़ों में पहुंच गए हैं। सोशल मीडिया पर हम सब कॉकरोच हैं, कॉकरोच एकता जिंदाबाद और सिस्टम से लड़ेंगे जैसे नारे ट्रेंड कर रहे हैं।
इस डिजिटल मुहिम के पीछे हैं महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी अभिजीत दीपके। उन्होंने एक मीडिया समूह से बातचीत में बताया कि जब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीजेआई से जुड़ी टिप्पणी देखी तो उन्हें यह बेहद असहज लगी। अभिजीत के मुताबिक संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। अगर सवाल पूछने वाले युवाओं को कॉकरोच कहा जाएगा तो फिर वे एकजुट होकर जवाब भी देंगे।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में एक्स पर सवाल पूछा कि अगर सारे कॉकरोच एक हो जाएं तो क्या होगा? बस यहीं से कहानी बदल गई। हजारों युवाओं ने इस विचार का समर्थन किया और देखते ही देखते कॉकरोच जनता पार्टी नाम तय हो गया। कुछ ही घंटों में यह डिजिटल पैरोडी एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन में बदल गई।
अभिजीत दीपके ने बाद में पार्टी की वेबसाइट लॉन्च की, घोषणापत्र तैयार किया और सदस्यता अभियान शुरू कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि इस मुहिम को कई चर्चित हस्तियों का भी समर्थन मिलने लगा। पूर्व क्रिकेटर और नेता कीर्ति आजाद ने पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई, जबकि महुआ मोइत्रा ने भी इस अभियान का समर्थन किया।

अभिजीत का बैकग्राउंड भी कम दिलचस्प नहीं है। पुणे से स्नातक करने के बाद वे कुछ वर्षों तक आम आदमी पार्टी की कम्युनिकेशन टीम का हिस्सा रहे। दिल्ली मॉडल की शिक्षा और स्वास्थ्य नीतियों से प्रभावित अभिजीत बाद में उच्च शिक्षा के लिए तैयारी करने लगे, तभी उन्हें बोस्टन यूनिवर्सिटी से ऑफर मिला।
अब सवाल यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी केवल इंटरनेट का मजाक है या युवाओं के भीतर बढ़ती नाराजगी का नया प्रतीक? फिलहाल इतना तय है कि इस डिजिटल बगावत ने भारतीय राजनीति और सोशल मीडिया की दुनिया को चौंका दिया है।





