लखनऊ, 10 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के महानगर इलाके के एक अपार्टमेंट के फ्लैट में रिटायर्ड अफसर वंशीधर डोगरा के कैद होने और अंदर से कोई जवाब न मिलने से हड़कंप मच गया। इतना ही नहीं 85 वर्षीय बुजुर्ग वंशीधर के फोन की घंटियां काफी देर तक बजती रहीं। इस पर भी उधर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद बुलाई गई पुलिस ने फ्लैट के दरवाजे तोड़कर बुजुर्ग की जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक सुबह रोज की तरह खाना बनाने पहुंची मेड ने दरवाजा खटखटाया पर अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। दरवाजा अंदर से बंद था। मजबूरन वह लौट गई और अपार्टमेंट के गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने तुरंत वंशीधर डोगरा के केयरटेकर शिवम को फोन किया। शिवम मौके पर पहुंचा लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद दरवाजा नहीं खुला।
आशंका गहराते ही पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में महानगर थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर स्थित फ्लैट के दो दरवाजे तोड़ दिए। दरवाजा खुलते ही अंदर का नजारा देख पुलिस भी सन्न रह गई। वंशीधर डोगरा बेड पर लगभग अचेत अवस्था में पड़े थे। बिना देर किए पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
पहले ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया और फिर बेटे के निवेदन पर उन्हें मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक वंशीधर डोगरा जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) में डिप्टी कमिश्नर थे। रिटायर होने के बाद वह फ्लैट में अकेले रहते हैं।
उनके एक बेटे अल्मोड़ा से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं। परिवार के अन्य सदस्य आगरा और दिल्ली में रहते हैं। समय पर पुलिस की कार्रवाई ने एक बुजुर्ग की जान बचा ली। यह घटना अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है।






