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क्या मैं इस कुर्सी के योग्य हूं? विधानसभा में भावुक हुए स्पीकर सतीश महाना, बोले- करूंगा आत्ममंथन

सदन की कार्यवाही के दौरान मंगलवार के हंगामे पर छलका विधानसभा अध्यक्ष का दर्द, बोले- कमी संविधान में नहीं, उसे चलाने वालों में होती है, जल्द लेंगे बड़ा फैसला

लखनऊ, 5 अगस्त 2026:

यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में एक भावुक क्षण देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को हुए हंगामे पर गहरी पीड़ा और नाराजगी जताते हुए कहा कि अब उन्हें गंभीरता से विचार करना होगा कि क्या वह विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी के योग्य हैं या नहीं। उनके इस बयान से सदन में कुछ देर के लिए गंभीर माहौल बन गया।

स्पीकर महाना ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से उन्होंने विधानसभा की गरिमा बढ़ाने और पक्ष-विपक्ष के बीच स्वस्थ संवाद की परंपरा कायम रखने का लगातार प्रयास किया। उनका उद्देश्य विधायिका और विधायकों की उस छवि को बदलना था जो वर्षों से समाज में बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार की प्रशंसा करना नहीं अपितु जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है। इस परंपरा का अब तक पालन भी होता रहा।

हालांकि मंगलवार को सदन में हुई घटनाओं ने उन्हें भीतर तक आहत कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे मना करने के बाद भी जो कुछ सदन में हुआ, वह अत्यंत निंदनीय है। कल ऐसे सदस्य ने मुझे आहत किया, जिसे हम रोल मॉडल मानते थे।

भावुक होते हुए महाना ने कहा- ‘मेरे राजनीतिक जीवन का यह अंतिम चरण है। अब मुझे गंभीरता से विचार करना होगा कि मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं। पहली बार लगा कि या तो हमारे प्रयास में कहीं कमी रह गई या फिर डॉ. भीमराव आंबेडकर की यह बात सही है कि कमी संविधान में नहीं, बल्कि उसे चलाने वाले व्यक्तियों में होती है।’
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उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उन्होंने जो कुछ किया, वह उचित था या अनुचित, इसका आत्ममंथन करेंगे और जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेंगे। उन्होंने दोहराया कि मंगलवार की घटना ने उन्हें गहरी निराशा दी है और वह इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

स्पीकर के इस भावुक वक्तव्य ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल को गंभीर बना दिया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आत्ममंथन के बाद सतीश महाना क्या निर्णय लेते हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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