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दिल्ली का जंतर-मंतर बना रांची का स्टेडियम, छात्र नेता का अनशन समाप्त, आंदोलन जारी

झारखंड लोक सेवा आयोग, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों में नाराजगी, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के कहने पर देवेंद्र नाथ महतो ने तोड़ा अनशन

न्यूज डेस्क

रांची, 5 अगस्त 2026ः

नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों ने जैसा आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर किया, वैसा ही झारखंड के रांची में खड़ा हो गया है। यह इस समय देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राह पर चलकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, लेकिन वांगचुक से बातचीत के बाद उन्होंने अनशन तोड़ दिया। वहीं, आंदोलन धीरे-धीरे तेज होता जा रहा है।

लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने बुधवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बातकर उनका हाल जाना और पानी पीने की अपील की। वांगचुक ने कहा कि इस आंदोलन में दो तीन हफ्ते भी लग सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार बात समझेगी और सही फैसला लेगी। उन्होंने आंदोलन जारी रखने के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी।

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सोनम वांगचुक की अपील के बाद छात्र नेता ने पानी पीकर अपना अनशन तोड़ा। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वे वांगचुक का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने मुझे प्रेरित किया। महतो ने कहा कि सोनम ने मुझसे पानी पीने का आग्रह किया था, इसलिए मैंने उनका अनुरोध स्वीकार किया है। हालांकि छात्र नेता ने कहा कि इससे आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैंने केवल पानी की एक घूंट पी है, लेकिन कुछ खाऊंगा नहीं। मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी।

देवेंद्र नाथ ने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक को रांची आने का निमंत्रण भी दिया है। महतो ने वांगचुक से आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया है। वहीं, एक्टिविस्ट वांगचुक ने कहा कि वह अभी स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं, लेकिन यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे रांची आकर छात्रों का समर्थन करेंगे।

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे है। इसी मामले को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन शुरू किया है।
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छात्र नेता ने 25 जुलाई से आंदोलन शुरू किया। इसके बाद 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि यहां 26 सालों से पेपर लीक हो रहे हैं। हम सभी की मांग है कि झारखंड लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

छात्रों का कहना है कि झारखंड लोक सेवा आयोग की कई परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इसलिए वे सिर्फ 14वीं जेपीएससी परीक्षा नहीं, बल्कि पूरे भर्ती सिस्टम में बदलाव चाहते हैं। छात्रों ने कहा कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा की सीबीआई व ईडी से जांच करई जाए। उनका कहना है कि सिर्फ सीआईडी जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाए, ताकि मामलों की सुनवाई जल्द हो।
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टीडीपीएल (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) से कराई गईं सभी परीक्षाएं रद्द की जाएं। छात्रों का कहना है कि कंपनी से जुड़े एक अधिकारी पर भर्ती में गड़बड़ी के आरोप हैं। टीडीपीएल को ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही आगे की परीक्षाएं टीसीएस जैसी कंपनी से कराई जाएं। छात्रों ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी के उन अधिकारियों को हटाया जाए, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

बता दें कि दो जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयु्क्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परीक्षा परिणाम जारी हुआ था। इसमें 2,204 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच मेंस की परीक्षा होनी थी। रिजल्ट आने पर कई छात्रों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए। उनका कहना था कि कट ऑफ जारी नहीं की गई।
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इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित ओएमआर शीट वायरल हो गई। दावा किया गया कि उसने सिर्फ 48 सवाल हल किए फिर भी वह मेंस के लिए सिलेक्ट हो गया। वहीं, परीक्षा परिणाम पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी सवाल उठे। विवाद को बढ़ता देखकर जेपीएससी ने मेंस परीक्षा रद्द कर दी।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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