
न्यूज डेस्क, 5 अगस्त 2026:
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की आगे की दिशा आज महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में होने वाली कोर कमेटी की बैठक में तय होगी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर आयोजित इस अहम बैठक में आंदोलन से जुड़े प्रमुख सदस्य शामिल हो रहे हैं। बैठक के बाद सीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी आगामी रणनीति और भविष्य के आंदोलनों का रोडमैप भी सामने रख सकती है।
बैठक से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल संगठन राजनीतिक दल बनने की बजाय एक दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के रूप में काम करेगा। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में देश को एक ऐसे जनआंदोलन की जरूरत है जो जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाए और व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनाए।
दीपके ने बताया कि कोर कमेटी की बैठक में नीट या शिक्षा व्यवस्था के साथ ही मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं में लोगों के घटते भरोसे पर भी गंभीर चर्चा होगी। इसके अलावा इथेनॉल मिश्रित ईंधन, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य अहम मुद्दों पर संगठन की आगे की रणनीति तैयार की जानी है।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी संगठन के मार्गदर्शक बने रहेंगे और पार्टी समय-समय पर उनसे सलाह लेती रहेगी। उन्होंने कहा कि सीजेपी का उद्देश्य एक और राजनीतिक दल खड़ा करना नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करना और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना है।

जानकारों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले महीने करीब एक माह तक चले आंदोलन के बाद संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को कुछ समय परिवार के साथ बिताने के लिए कहा था। इसके साथ ही उन्हें छात्रों, युवाओं और स्वयंसेवकों से संवाद कर सुझाव जुटाने और उन्हें 5 अगस्त की बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
अब सभी की नजर बैठक के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी है। इसमें सीजेपी अपने अगले अभियान, जनआंदोलनों और संगठन के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण ऐलान कर सकती है।






