
लखनऊ, 6 सितंबर 2026:
UP अब सिर्फ एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और बड़े औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं रहना चाहता। योगी सरकार ने वैश्विक टेक्नोलॉजी की अगली बड़ी जंग माने जा रहे सेमीकंडक्टर सेक्टर में यूपी को मजबूत दावेदार के तौर पर पेश करने की कवायद तेज कर दी है। ताइवान की राजधानी ताइपे में आयोजित ‘सेमिकॉन 2026’ में यूपी ने प्रमुख ताइवानी टेक कंपनियों के सामने अपना निवेश मॉडल रखा और उन्हें राज्य में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए आमंत्रित किया।
2 से 4 सितंबर तक आयोजित इस आयोजन में यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने साफ संदेश दिया कि चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स की वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश बन सकता है। सरकार ने ताइवानी कंपनियों के सामने निवेश-अनुकूल नीतियों, तैयार औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को अपनी ताकत के रूप में रखा।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया-ताइवान सेमीकंडक्टर फोरम में हिस्सा लिया। इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा और यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनीष मीना भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
ताइवान की क्रिएटिव सेंसर्स इंक के चेयरमैन यूजीन हुआंग और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में भारत में कंपनी के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वहीं मीडियाटेक, एडीएटीए टेक्नोलॉजी और टीआईबीए बिजनेस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ भी निवेश, संयुक्त उपक्रम और दीर्घकालिक सहयोग को लेकर बातचीत हुई।
यूपी ने निवेशकों के सामने सेंसर मॉड्यूल, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एप्लीकेशन इंजीनियरिंग, टेस्टिंग और सप्लाई चेन के स्थानीयकरण में संभावनाएं गिनाईं। सरकार का जोर सिर्फ बड़े चिप प्लांट लगाने पर नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर के इर्द-गिर्द पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम खड़ा करने पर है।
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इसके लिए राज्य की रणनीति को आईएसएम 2.0, ईसीएमएस और एमपीएमएस जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के साथ उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 और एफडीआई नीति-2023 से जोड़ा जा रहा है। इन्वेस्ट यूपी, यीडा और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग निवेशकों को जमीन, औद्योगिक ढांचे, नीतिगत प्रोत्साहन और आसान अनुमोदन उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं।
सरकार ने बड़ा लैंड बैंक, दिल्ली-NCR की नजदीकी, कुशल कार्यबल और मजबूत सप्लायर नेटवर्क भी ताइवानी कंपनियों के सामने यूपी के बड़े निवेश लाभ के तौर पर रखा। सियासी तौर पर देखें तो यह पहल योगी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें यूपी को पारंपरिक उद्योगों से आगे ले जाकर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक टेक सप्लाई चेन का केंद्र बनाने का दावा किया जा रहा है।






