लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
यूपी विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया। यह बीते साल के मुकाबले करीब 13 फीसदी ज्यादा है। सरकार ने इस बजट में 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं का ऐलान करते हुए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने पर खास फोकस दिखाया है। पुलिस और अग्निशमन सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि का प्रावधान किया गया है।
पुलिस विभाग के गैर आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। नए जिलों में पुलिस भवनों के निर्माण हेतु 346 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, आपदा और आगजनी से निपटने की तैयारी को पुख्ता करने के लिए अग्निशमन केंद्रों के भवन निर्माण पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने और नए केंद्रों को पूरी तरह से क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिसकर्मियों के लिए वाहन खरीदने को 25 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है।
सरकार ने बजट के साथ पुलिस विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए अपराध में बड़ी गिरावट का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2016 की तुलना में डकैती में 89 फीसदी, लूट में 85 फीसदी, हत्या में 47 फीसदी, बलवा में 70 फीसदी और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 62 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट बताई गई है। 2016 के मुकाबले हत्या में 48 फीसदी, दहेज मृत्यु में 19 फीसदी, बलात्कार में 67 फीसदी और शील भंग के मामलों में 34 फीसदी कमी दर्ज की गई है।
अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े अपराधों में भी गिरावट का दावा किया गया है। हत्या में 43 फीसदी, आगजनी में 94 फीसदी, बलात्कार में 32 फीसदी और गंभीर चोट के मामलों में 10 फीसदी की कमी बताई गई है। सरकार का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने और संसाधनों के विस्तार से कानून-व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बजट की घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से अमल में आती हैं।






