लखनऊ, 28 अगस्त 2026:
यूपी में विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि सिर्फ घोषणा नहीं, अब हर परियोजना का जमीन पर असर दिखना चाहिए। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में योगी ने प्रदेश की बड़ी विकास परियोजनाओं से लेकर गरीब परिवारों, श्रमिकों, बिजली व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और राजस्व मामलों तक की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना की घोषणा और स्वीकृति अंतिम लक्ष्य नहीं है। भूमि अधिग्रहण, टेंडर, विभागीय समन्वय या किसी अन्य स्तर पर काम अटका है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। जिन परियोजनाओं की रफ्तार धीमी है उनकी नियमित समीक्षा के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
एक्सप्रेसवे पर फोकस, जमीन अधिग्रहण तेज करने के निर्देश
बैठक में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर खास जोर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं अपितु उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के नए कॉरिडोर बनने चाहिए। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को टेंडर जारी हो चुका है। सितंबर में चयन किया जाना है। वहीं फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जरूरी 1,339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1,222.25 हेक्टेयर यानी 91.28 प्रतिशत भूमि हासिल की जा चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की प्लानिंग का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब इनके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, निविदा एवं विभागीय समन्वय से जुड़े लंबित कार्यों का तत्काल… pic.twitter.com/a2WfI73tjx
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 27, 2026
गरीब परिवारों पर भी बड़ा फोकस
‘जीरो पावर्टी’ अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र परिवार आवास और बुनियादी सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। बैठक में सामने आया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में नौ लाख आवास के पात्र पाए गए हैं। इनमें 4.50 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में हैं, जबकि करीब पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाना है। वहीं 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। मुख्यमंत्री ने राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और कौशल प्रशिक्षण के साथ परिवार के कम से कम एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
बिजली चोरी से लेकर फायर एनओसी तक सख्ती
अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ने वास्तविक कारणों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए। बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली व्यवस्था सुधारने के साथ जिम्मेदार डिस्कॉम अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया। अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। फायर एनओसी का डिजिटल डेटाबेस बनाने और उसकी वैधता खत्म होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ के सीवर में केबल पर भी सीएम सख्त
लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल से गुजर रहे बिजली व ओएफसी केबलों को निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने ऐसे कार्यों में स्थानीय निकाय की एनओसी अनिवार्य रूप से लेने को भी कहा।
गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी, श्रमिकों के लिए सुविधाएं
ग्राम पंचायतों की डिजिटल लाइब्रेरियों को सिर्फ भवन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं व डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित करने को कहा गया। सभी जरूरी काम 30 सितंबर तक पूरे करने के निर्देश दिए गए।
लेबर अड्डों की समीक्षा में पेयजल, शौचालय, स्नान, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
गोरखपुर में अगले साल पूरी करें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम
गोरखपुर में बन रहे 30 हजार दर्शक क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने समयबद्धता के साथ निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय और ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब समेत अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई।
प्रयागराज में 13,386 विरासत आवेदन रद्द, सीएम ने जांच के दिए आदेश
राजस्व विभाग की समीक्षा में प्रयागराज का मामला विशेष रूप से सामने आया। निर्विवाद विरासत मामलों में 13,386 आवेदन निरस्त किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इनकी जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि आवेदन वास्तव में मेरिट के आधार पर ही निरस्त हुए हैं। किसी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो। पैमाइश और पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े विवाद अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।






