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स्किल, टेक्नोलॉजी और पारदर्शिता का ट्रिपल इंजन : UP का युवा बन रहा आत्मनिर्भर, रोजगार में बड़ी छलांग

नवनिर्माण के 9 वर्ष : सक्षमता से समृद्धता की ओर बढ़ता युवा उत्तर प्रदेश, स्किल्ड वर्कफोर्स के दम पर उद्योगों के लिए आकर्षक बनता प्रदेश, सरकारी भर्तियों और पारदर्शी भर्ती प्रणाली से मजबूत हुआ भरोसा

लखनऊ, 23 मार्च 2026:

सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करने के लिए सरकार ने नौ वर्षों में बहुआयामी प्रयास किए हैं। इससे प्रदेश में युवा सशक्तीकरण और रोजगार सृजन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव साफ नजर आने लगा है। सरकार की रणनीति नौकरी देने के साथ युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना रही है।

इसी दिशा में आईटीआई और कौशल विकास मिशन के जरिए अब तक 25 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी मिला है। यह इस पहल की सफलता को दर्शाता है। युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत एक लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण कर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ने के साथ उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन मिल रहा है।

तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण शुरू किया है। यह पहल युवाओं को इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप तैयार कर रही है। इससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन सकें।

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डिजिटल सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी यूपी ने बड़ी छलांग लगाई है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत अब तक 49.86 लाख से अधिक टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं तक डिजिटल संसाधन पहुंचाना है जिससे शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुल सकें।

सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी कई बड़े सुधार किए गए हैं। अब तक विभिन्न आयोगों और भर्ती बोर्डों के माध्यम से 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन निवारण कानून लागू किया गया है, वहीं समूह ‘ख’ अराजपत्रित और ‘ग’ पदों में साक्षात्कार समाप्त कर पारदर्शिता को और मजबूत किया गया है।

इन प्रयासों का असर बेरोजगारी दर में भी स्पष्ट दिखा है।फरवरी 2016 में प्रदेश की बेरोजगारी दर लगभग 18 प्रतिशत थी तो अब यह घटकर 2.21 प्रतिशत रह गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रदेश की विशाल युवा आबादी इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि कौशल विकास, निवेश और तकनीकी प्रशिक्षण की यह रफ्तार बनी रही तो प्रदेश जल्द ही देश का प्रमुख औद्योगिक और ग्लोबल स्किल हब बन सकता है।

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