
विजय पटेल
रायबरेली, 14 जुलाई 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रतापगढ़ से सपा सांसद एसपी सिंह ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। सोमवार रात मीडिया से बातचीत में एसपी सिंह ने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस का स्वतंत्र जनाधार नहीं बचा है। उसकी मौजूदा राजनीतिक मौजूदगी समाजवादी पार्टी तथा अखिलेश यादव के साथ गठबंधन की वजह से बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस के विधायक और सांसद लगातार कम होते गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक दौर ऐसा था जब राहुल गांधी भी चुनाव नहीं जीत पाए थे। लोकसभा चुनाव 2024 का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मिली छह सीटें केवल समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और जनता के समर्थन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि यदि गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस का प्रदर्शन अलग होता।
विधानसभा चुनाव 2027 में संभावित सीट बंटवारे पर एसपी सिंह ने स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को 50 से अधिक सीटें कांग्रेस को नहीं देनी चाहिए। उनके अनुसार कांग्रेस नेताओं के हालिया बयान केवल अपनी राजनीतिक अहमियत बढ़ाने और ज्यादा सीटों की मांग करने की रणनीति हैं।

इस दौरान उन्होंने सुभासपा प्रमुख एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर के हालिया बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजभर विवादित बयान देने के लिए जाने जाते हैं। उनसे जो कहलवाया जाता है, वही बोलते हैं। एसपी सिंह ने आरोप लगाया कि राजभर न तो पीडीए की भावना के हितैषी हैं और न ही समाज के व्यापक हितों के लिए काम कर रहे हैं।
सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों की सबसे प्रभावी आवाज अखिलेश यादव हैं। उनके अनुसार अखिलेश यादव एक पढ़े-लिखे, दूरदर्शी नेता हैं। वे सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सोच रखते हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन और 2027 के चुनावी समीकरणों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।






