लखनऊ, 3 जून 2026:
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर डिमांड के अनुरूप बिजली आपूर्ति की जा रही है। यूपी ने बिजली सप्लाई के मामले में तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
2 और 3 जून की रात प्रदेश में 28 हजार 770 मेगावाट तक बिजली आपूर्ति की गई। रात 1 बजे 28 हजार 321 मेगावाट और रात 3 बजे 26 हजार 830 मेगावाट बिजली सप्लाई दर्ज की गई। वहीं 3 जून की सुबह और दोपहर में भी 22 से 25 हजार मेगावाट के बीच लगातार बिजली आपूर्ति की गई।
आंकड़ों के मुताबिक 2 जून को उत्तर प्रदेश में 27 हजार 976 मेगावाट डिमांड बिजली सप्लाई हुई जबकि तमिलनाडु में 19 हजार 198 मेगावाट, कर्नाटक में 13 हजार 848 मेगावाट और आंध्र प्रदेश में 13 हजार 18 मेगावाट बिजली आपूर्ति दर्ज की गई। इससे पहले 1 जून को यूपी में 27 हजार 260 मेगावाट और 31 मई को 24 हजार 610 मेगावाट बिजली सप्लाई की गई थी।
बढ़ती गर्मी और एसी, कूलर व अन्य विद्युत उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल के बावजूद प्रदेश की बिजली व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। इससे किसानों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिल रही है। हालांकि हाल ही में आए आंधी-तूफान और बारिश के चलते कुछ जिलों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई थी। मऊ, गाजीपुर और सोनभद्र के कुछ इलाकों में अभी भी मरम्मत और रखरखाव का कार्य जारी है।
ऊर्जा विभाग की टीमें लगातार फील्ड में मौजूद रहकर बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो उसकी सूचना तत्काल मीडिया और उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए। साथ ही रात में अचानक बढ़ने वाले लोड की विशेष निगरानी करने और 1912 पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए पावर कॉरपोरेशन पूरी तत्परता के काम कर रहा है। जहां कहीं भी आंधी-तूफान की वजह से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां विभागीय टीमें लगातार बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।






