
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
यूपी में हॉकी को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए यूपी हॉकी ने पहली राज्य स्तरीय पुरुष एवं महिला हॉकी लीग के आयोजन पर मुहर लगा दी है। अक्टूबर में होने वाली इस लीग से प्रदेश में हॉकी प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा। इसके साथ ही संगठन की वार्षिक सामान्य सभा (एजीएम) में राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम-2025 और राष्ट्रीय खेल शासन नियम-2026 को औपचारिक रूप से अपनाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम सभागार में आयोजित एजीएम में कई अहम फैसले लिए गए। नए खेल कानून के अनुरूप सभी संबद्ध जिला हॉकी संघों को अपने संविधान और नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए। वहीं, जिलों में हॉकी गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से हर संबद्ध जिला हॉकी संघ को 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऑल इंडिया स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और टीमों के लिए यूपी हॉकी के राज्य सचिव द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) को अनिवार्य बनाने का फैसला किया गया। इस संबंध में हॉकी इंडिया से औपचारिक आदेश जारी कराने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित हुआ।

यूपी हॉकी के अध्यक्ष एवं खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश हॉकी खेल सुशासन, पारदर्शिता और खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में हॉकी के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।
महासचिव रजनीश मिश्रा ने जिला प्रतिनिधियों के सुझावों पर चर्चा कर भविष्य की रणनीति तय की। बैठक में यूपी ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव आंदेश्वर पांडेय, ओलंपिक खिलाड़ी ललित उपाध्याय, उपाध्यक्ष अभिजीत सरकार, कोषाध्यक्ष निशा मिश्रा सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।






