UP MLC Election की तैयारी : योगी का हमला- पहले परीक्षा देने वाले बेरोजगार, बिना परीक्षा वाले बन जाते थे अफसर
लखनऊ के डिफेंस एक्सपो मैदान में शिक्षक-स्नातक मतदाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों को घेरा, माफिया राज और भर्ती प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाकर सपा पर साधा निशाना

लखनऊ, 17 अक्टूबर 2026:
यूपी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों और पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र स्थित डिफेंस एक्सपो मैदान में शनिवार को आयोजित भाजपा के शिक्षक-स्नातक मतदाता सम्मेलन में सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर माफिया को संरक्षण देने, सरकारी भर्तियों में धांधली और जातिगत पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के पास न नीति थी, न नीयत और न ही काम करने की इच्छाशक्ति।
‘परीक्षा देने वाले रह जाते थे बाहर, बिना परीक्षा वाले बन जाते थे अफसर’
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का चयन नहीं होता था, जबकि परीक्षा नहीं देने वाले लोग नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी ज्वाइन कर लेते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे देकर नौकरी हासिल की जाती थी। इससे योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था।
योगी ने भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि एक भर्ती में एसडीएम के 86 पदों में से 56 पदों पर एक ही जाति के अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक में तीसरी श्रेणी पाने वाला अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा में शीर्ष स्थान पर कैसे पहुंच जाता था।
‘माफिया की समानांतर सत्ता चलती थी’
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि लखनऊ हो या प्रदेश का कोई अन्य जिला, माफिया जिस जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, उसे अपने गुर्गों के जरिए कब्जा लेते थे। उनकी सत्ता समानांतर रूप से चलती थी। शिक्षकों, गरीबों और सरकारी जमीनों पर कब्जे के बाद उन्हें वापस हासिल करना मुश्किल हो जाता था।

उन्होंने कहा कि पहले भर्ती आयोगों में अयोग्य लोगों को भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बना दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने इन आरोपों के जरिए पूर्ववर्ती सरकारों की प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
अमेठी-रायबरेली को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अमेठी और रायबरेली का जिक्र करते हुए कहा कि इन जिलों का इस्तेमाल एक परिवार की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए किया गया। उनके मुताबिक वहां बुनियादी सुविधाओं के विकास, युवाओं की आकांक्षाओं और शिक्षकों के सम्मान के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं हुए। योगी ने लखीमपुर खीरी, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और अमेठी में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना तथा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी पिछली सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आजादी के बाद के 75 वर्षों के विकास कार्यों को लेकर पिछली सरकारों की आलोचना की।
शिक्षक-स्नातक MLC चुनाव में लखनऊ खंड के भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आज लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में सम्मिलित हुआ।
समाजवादी पार्टी ने प्रदेश को बीमारू बना दिया था। वर्ष 2017 के पहले यहां उपद्रव होता था, कर्फ्यू और दंगे नियति बन चुके थे। लेकिन आज प्रदेश में उत्सव, निवेश, रोजगार और सुरक्षा का माहौल है। भारत की टॉप-3 इकोनॉमी में यूपी का नाम है।
आप सभी से अपील है कि जो परिवारवाद एवं वंशवाद की विषबेल लगाना चाहते हैं, उनको हटाइए और लखनऊ खंड की स्नातक व शिक्षक, दोनों सीट पर भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाइए।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 17, 2026
शिक्षक-स्नातक चुनाव पर भाजपा का फोकस
शिक्षक-स्नातक मतदाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सम्मेलन में शिक्षकों और स्नातकों की भी मौजूदगी रही। विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों को लेकर भाजपा की रणनीति पर संवाद के बीच योगी का संबोधन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।






