Lucknow News : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का हल्लाबोल, हजरतगंज में फोड़ा ‘पाप का घड़ा’
वोट चोरी का आरोप लगाकर इस्तीफे की मांग, सड़क पर लेटीं महिला प्रदर्शनकारी, पुलिस से धक्का-मुक्की, प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन ले गई पुलिस

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) का विरोध प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। सपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं ने सिर पर मटकी रखीं और उन पर ‘पाप का घड़ा’ लिखे पोस्टर लगाए। इसके बाद चौराहे पर पहुंचकर मटकियां फोड़ दीं। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। वहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाएं सड़क पर लेट गईं। पुलिस उन्हें उठाकर ईको गार्डन ले गई।
‘ज्ञानेश कुमार के पाप का घड़ा भर चुका है’
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। उनका दावा था कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा और वोट चोरी के जरिए केंद्र तथा विभिन्न राज्यों में भाजपा की सरकारें बनवाने में मदद की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने 35 करोड़ से अधिक वोटों की कथित चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए वे सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे। उनके मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाए बिना उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित नहीं हो सकता।
‘पक्षपातपूर्ण भूमिका ने लोकतंत्र को किया कमजोर’
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे भाजपा का पक्षधर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की कथित पक्षपातपूर्ण भूमिका ने लोकतंत्र को कमजोर किया है। इसी को लेकर उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

अखिलेश यादव के आरोपों का भी किया जिक्र
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं। उनके अनुसार पार्टी की ओर से कई बार अनियमितताओं के साक्ष्य भी दिए गए लेकिन चुनाव आयोग ने उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। कार्यकर्ताओं ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि इससे चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कथित मिलीभगत के कारण भाजपा को चुनावी लाभ मिल रहा है।






