UP में 13 लाख वोट कहां से आए? संजय सिंह का Election Commission पर हमला, BJP पर ‘वोट चोरी’ का आरोप
SIR के बाद मतदाता सूची में गड़बड़ी का दावा, 85 हजार नाम बिना कारण काटने का आरोप; तरबगंज में एक नाम से 188 आवेदन मिलने पर उठाए सवाल, फैजुल्लागंज के बाढ़ पीड़ितों के लिए भी मांगी तत्काल राहत

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:
यूपी की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि दिल्ली और बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी ‘वोट चोरी’ का खेल शुरू हो गया है। उन्होंने SIR के दौरान मतदाताओं के नाम काटने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की।
संजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे। पुनरीक्षण के दौरान करीब 2 करोड़ 90 लाख नाम काटे जाने की बात सामने आई। इसके बाद नाम जोड़ने के लिए 84 लाख और नाम हटाने के लिए 4 लाख 30 हजार आवेदन आने की जानकारी दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि सार्वजनिक जानकारी में 71 लाख 13 हजार नाम जोड़े जाने का उल्लेख है, तो बाकी करीब 13 लाख नाम कहां और किनके जोड़े गए?
आप सांसद ने आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी के इशारे पर चुनाव आयोग के माध्यम से 13 लाख फर्जी वोट जुड़वाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि नाम जोड़ने वाले फॉर्म-6 के तहत बूथ और विधानसभा स्तर पर पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि राजनीतिक दल इनकी जांच कर सकें।
85 हजार नाम काटने पर सवाल, फॉर्म-7 की जांच की मांग
संजय सिंह ने दावा किया कि नाम हटाने के लिए आए 4 लाख 30 हजार आवेदनों में से 85 हजार नाम बिना कारण बताए काट दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि यदि फॉर्म-7 में नाम हटाने का कारण दर्ज नहीं है, तो ऐसे आवेदनों के आधार पर मतदाताओं के नाम कैसे हटाए गए? उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव से पहले विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे प्रभावित लोगों को बाद में अपील और न्यायाधिकरणों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
तरबगंज में रेशमा के नाम से 188 वोटरों के नाम हटाने के आवेदन
गोंडा की तरबगंज विधानसभा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रेशमा नाम की महिला के नाम से 188 मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए गए लेकिन कथित तौर पर आवेदक का पता नहीं चल सका। उन्होंने बाबूराम के नाम से 237, निशा के नाम से 124 और धीरज कुमार भारती के नाम से 112 नाम हटाने के आवेदनों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक इन आवेदनों में बड़ी संख्या मुस्लिम मतदाताओं की थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भाजपा के बयानों पर भी घेरा, फैजुल्लागंज के लिए राहत मांगी
संजय सिंह ने सीएम योगी और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के बयानों का हवाला देते हुए बूथवार नए मतदाताओं की संख्या और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ हजार वोट चुनाव का परिणाम बदल सकते हैं इसलिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर मताधिकार की रक्षा करनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ के बाद पैदा हुए संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन, साफ-सफाई और आवागमन की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।






